नगरीय निकाय चुनाव में खुद को टिकट न मिला तो अपने रिश्तेदार को लड़ाने तैयार है ये पार्टी

युवा कार्यकर्ताओं का कहना है कि नए लोगों को मौका ही नहीं मिलेगा तो वे राजनीति क्यों करें। इधर नए नवेले प्रत्याशी भी पूरी सक्रियता से अपने जनसंपर्क में जुट गए हैं।

By: Badal Dewangan

Published: 27 Nov 2019, 11:05 AM IST

जगदलपुर. निकाय चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण ने कई दिग्गज नेताओं के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। ऐसे में अपनी बखत बनाए रखने के लिए नेताजी खुद तो दूसरे वार्ड में एयरलिफ्ट करना चाहते हैं लेकिन अपनी सीट छोडऩा भी उन्हें गंवारा नहीं। अपने वार्ड की सीट के लिए अपने पति, पत्नी, भाई, भाभी और दोस्त को इस चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।

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महिला आरक्षण की वजह से दिग्गज नेता दूसरे वार्ड की ओर रूख कर रहे हैं। नेताओं का दावा है कि वे पिछले पंाच साल से अपने इलाके के लोगों की सेवा कर रहे हैं, एेसे में आगे भी वार्ड के लोगों की सेवा करने का मौका उन्हें ही मिलना चाहिए। अभी तक पर्दे के पीछे चल रहा यह खेल मंगलवार को पार्टी संगठन के सामने खुलकर आ गया है। इतना ही नहीं अब वे कार्यकर्ताओं से लेकर समाज तक के लोगों को एकजुट कर अपने परिवार के लोगों को टिकट दिलाने जरूरी समय पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। अपने परिवार को टिकट दिलाने की जुगत में नेताजी राजधानी तक की दौड़ लगा चुके हैं। इन सब के बीच वार्ड आरक्षण के बाद दिग्गजों का टिकट कटने के बाद नए व युवा नेता काफी खुश हैं और मैदान में उतरने के साथ संगठन में भी दावेदारी पेश कर दी है।

कांग्रेस में इन लोगों का एयरलिफ्ट हो सकता है
वार्ड आरक्षण में महिला सीट ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। पार्टी सूत्रों की माने तो पीडब्लूडी के सभापति और चार बार के पार्षद यशवर्धन राव का बालाजी वार्ड को छोडक़र इस बार प्रतापदेव वार्ड से टिकट मांग रहे हैं। वहीं सफाई सभापति रहे राजेश चौधरी माता संतोषी वार्ड से हटकर अब गुरुघासीदास वार्ड टिकट चाहते हैं। वहीं अब्दुल रशीद इंदिरा वार्ड में अपनी मां के लिए तो खुद रमैया वार्ड से टिकट मांग रहे हैं। इसके अलावा ऐसे प्रत्याशी जो वर्तमान में पार्षद हैं और महिला सीट होने की वजह से अब दूसरे वार्ड भी नहीं जाना चाहते और अपनी सीट पर परिवार के ही लोगों को चाहते हैं। इनके एयरलिफ्ट की वजह से इस इलाके में पांच साल से काम करने वाली महिलाएं परेशान हो गई हैं।

वार्ड के लोगों बाहरी और स्थानीय वाला भाव भी तेजी से धर कर रहा है। ऐसे में धीमे ही सही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। युवा कार्यकर्ताओं का कहना है कि नए लोगों को मौका ही नहीं मिलेगा तो वे राजनीति क्यों करें। इधर नए नवेले प्रत्याशी भी पूरी सक्रियता से अपने जनसंपर्क में जुट गए हैं।

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