सीआरपीएफ के वाहन में लिखा संजीवनी 108, जीवीके कर्मियों ने की शिकायत

सीआरपीएफ वाहन में संजीवनी 108 का स्टीकर लगाकर एम्बुलेंस के तौर पर चलाने और स्टीकर का दुरुपयोग करने को लेकर जीवीके कर्मियों ने इसकी शिकायत कंपनी के एचआर और एसपी से की है।

By: Ajay shrivastava

Published: 03 Oct 2016, 11:53 PM IST

जगदलपुर. सीआरपीएफ वाहन में संजीवनी 108 का स्टीकर लगाकर एम्बुलेंस के तौर पर चलाने और स्टीकर का दुरुपयोग करने को लेकर जीवीके कर्मियों ने इसकी शिकायत कंपनी के एचआर और एसपी से की है।

जीवीके कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रेम कुरानी ने बताया कि सोमवार को स्वराज माजदा(सीजी 17 जे 4274) महारानी अस्पताल में खड़ा था, जिसमें संजीवनी 108 का स्टीकर लगा था। वाहन को बाहर से देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे संजीवनी 108 एंबुलेंस हो।

जीवीके कर्मियों ने वाहन को देखकर जानकारी जुटाई तो यह वाहन सीआरपीएफ का निकला। जब कर्मचारियों ने स्टीकर लगाए जाने के बारे में सीआरपीएफ जवानों से पूछताछ की तो उन्होंने जवाब दिया कि आला अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा की दृष्टि से स्टीकर लगाया गया है।

संजीवनी कर्मियों ने कहा, जान का खतरा
संजीवनी 108 कर्मचारियों ने सीआरपीएफ वाहन पर स्टीकर लगाने को गलत बताते हुए खुद के लिए खतरा बताया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे भी धुर माओवादी क्षेत्र में भी रात और दिन गंभीर आपात स्थिति में पहुंचकर सेवा देते हैं। जिसमें इस तरह के वाहन के चलने के कारण माओवादियों से हमारे टैक्नीशियन व पायलेट की जान को खतरा हो सकता है। इसका उदाहरण बीते साल दरभा में एम्बुलेंस विस्फोट है।

स्टीकर हटाने कहा जाएगा-एसपी
जीवीके के कर्मचारियों ने मामले की जानकारी सोमवार को एसपी रुद्रनारायण दास को स्टीकर लगाया फोटो सहित दी। इस दौरान एसपी ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही पता लगातर इस वाहन से स्टीकर हटाने को कहा जाएगा। उन्होंने 108 का स्टीकर किसी भी वाहन में उपयोग करने को गलत बताया।
Ajay shrivastava
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