यदि स्तन के आकार- प्रकार में बदलाव या नाप में परिवर्तन आ रहा है तो सावधान

बुरी खबर है यह है कि भारतीय युवतियों में स्तन कैंसर के मामले विश्व में सर्वाधिक हैं। इसे लेकर कैंसर दिवस पर जागरुकता अभियान चलाए जाने के लिए जुटी महिलाएं।

By: Ajay shrivastava

Published: 05 Feb 2017, 01:38 PM IST

जगदलपुर. यदि स्तन के आकार- प्रकार में बदलाव या नाप में परिवर्तन आ रहा है तो सावधान हो जाइए, यह स्तर कैंसर का प्रभाव हो सकता है। इसके अलावा  स्तन के आसपास सूजन, स्तन के रंग व त्वचा में परिवर्तन को भी नजरअंदाज न करें।

कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है
यह सभी जानकारियां कैंसर दिवस के मौके पर शहर की महिलाओं ने आपस में शेयर किया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह कैंसर हो सकता है। खतरनाक बात यह है कि इस कैंसर का  अभी तक कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है। बावजूद यदि शुरुआती दौर में इसकी जानकारी मिल जाए तो आसानी से इसका उपचार संभव है।

कम उम्र की युवतियों को हो रहा है
इन्हंी सवालों को लेकर एक कार्यशला भी हुई थी। विदेशो में स्तन कैंसर 50 से अधिक उम्र की महिलाओं को होता है, लेकिन भारत में स्तन कैंसर कम उम्र की युवतियों को हो रहा है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। ये जानकारी डॉ. जीबी जार्ज ने कैंसर पर आयोजित कार्यशाला में दी।

एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
सुषमा विंग्स ऑफ कैंसर सपोर्ट सोसाइटी की ओर से शनिवार को इंटरनेशनल कैंसर दिवस पर रोटरी भवन में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कैंसर रोग विशेषज्ञों ने सर्वाइकल कैंसर ओर स्तन कैंसर के लक्षण और इससे बचने के उपाय भी बताए।

बचाव संभव है
डॉ. जीबी जार्ज ने कहा कि महिलाओं में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है।  2015 में भारत में 1, 55, 863 स्तन कैंसर के नए मामले सामने आए हैं। जिनमें 75957 महिलाओं की मौत इस बीमारी से हुई है। यदि स्टेज-1 में पता लगा लिया जाए तो बचाव संभव है। स्तन कैंसर पर महिलाओं में सतर्कता जरूरी है।
Ajay shrivastava
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