शिक्षाकर्मियों ने फिर दी जिला पंचायत सीईओ को ये चेतावनी, जाने क्या है पूरा मामला पढ़े खबर

सीईओ के समक्ष अपनी बात रखते हुए पदोन्नति रखते सूची में संशोधन नहीं किए जाने की मांग की है। अन्यथा उच्च न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है।

By: ajay shrivastav

Published: 22 Aug 2017, 09:34 AM IST

जगदलपुर . जिला पंचायत सामान्य प्रशासन समिति ने शिक्षाकर्मी के 545 पदोन्नति सूची में फिर संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। इससे नाराज पदोन्नति प्राप्त कर चुके सैकड़ों शिक्षक सोमवार शाम जिला पंचायत कार्यालय विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। उन्होंन सीईओ रीतेश अग्रवाल के समक्ष अपनी बात रखते हुए पदोन्नति यथावत रखते सूची में संशोधन नहीं किए जाने की मांग की है। अन्यथा उच्च न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है।

गहन अध्ययन करने के बाद ही सूची जारी की गई
शिक्षाकर्मियों का आरोप है कि सामान्य प्रशासन समिति अपने ही लिए गए निर्णय पर तटस्थ नहीं है। पदोन्नति सूची के 4 माह बीतने के बाद अब संशोधन किया जा रहा है। जबकि समिति ने कई बार गहन अध्ययन करने के बाद ही सूची जारी की गई थी। यही नहीं दावा आपत्ति भी मंगाया गया था। इससे पदोन्नत शिक्षक पंचायतों में संशय की स्थिति है।

239 शिक्षक प्रभावित
यदि पदोन्नति सूची में संशोधन कर अंग्रेजी विषय को कला से पृथक कर दिया जाता है, तो इससे पदोन्नति पा चुके 239 शिक्षक प्रभावित होंगे। यह सभी पदोन्नति से वंचित होकर वापस अपने मूल पद में आ जाएंगे। जिला पंचायत सीईओ से शिक्षकों ने अंग्रेजी को कला में शामिल रखने की मांग की है। इस दौरान शिक्षाकर्मियों ने चित्रकोट विधायक को भी समस्या से अवगत कराया। इधर सीईओ ने शिक्षाकर्मियों की मांग को दरकिनार कर सूची में संशोधन किए जाने पर डटे रहे। उन्होंने कहा गलती को सुधारा जाएगा।

ये था मूल कारण
जून माह में 545 शिक्षकों की पदोन्नति सूची जारी की गई थी। इस पदोन्नति में संशोधन करने पर करीब 240 शिक्षकों को पदोन्नति से वापस अपने मूल पद पर आना होगा। इन शिक्षकों को पदोन्नति उपरांत बड़ा वेतन भी वापस करना होगा। सूची में 231 शिक्षकों को केवल सामाजिक विज्ञान में लिया जाएगा। इसके अलावा शेष में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, संस्कृत को लिया जाएगा।

अंग्रेजी को कला से अलग
जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र झा ने बताया कि 2006 के पहले विषय की अनिवार्यता नहीं थी। इसके बाद सभी गणित, विज्ञान, कॉमर्स और कला विषयों की अनिवार्यता की गई है। उन्होंने बताया कि पदोन्नति में अंग्रेजी को अब कला से अलग किया जा रहा है।

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