भु-माफियाओं ने की ऐसी कारस्तानी कि शहर का एकमात्र सागर तब्दिल हो गया छोटे से तालाब में

टाउनप्लानिंग ने निगम में ही नोटिस चस्पा कर दावा- आपत्ति की निभाई औपचारिकता भु-माफियाओं के की चलते जगदलपुर का एकमात्र सागर हो रहा तालाब में तब्दिल

By: ajay shrivastav

Published: 22 Aug 2017, 11:33 AM IST

जगदलपुर. दलपतसागर के आइलैंड से गुजरकर जलाशय को चीरते हुए विवादित बंड व वहां से बालाजी मंदिर के नजदीक से धरमपुरा मार्ग तक 60 फीट की सड़क निकालने की गुपचुप कवायद खटाई में पड़ गई है। इसे लेकर आधा दर्जन आपत्तियां व इतनी ही तादाद में जागरुकों ने सुझावों की झड़ी लगा दी है।

15 साल बाद अब दावा आपत्ति मंगाई गइ
2001 में इस प्लान को टाउन प्लानिंग में शामिल बताकर 15 साल बाद अब दावा आपत्ति मंगाई गई। दावा आपत्ति के लिए ऐसी तिथियों का चयन किया गया जबकि रक्षाबंधन, सेकेंड- थर्ड शनिवार, रविवार व स्वतंत्रता दिवस के अवकाश आ रहे थे। इसके अलावा 15 अगस्त के ठीक बाद 17 को दावा-आपत्ति की आखिरी तिथि घोषित कर दी थी। दावा आपत्ति के लिए एक सूचना कंपोजिट बिल्डिंग व दूसरी नगर निगम में चस्पा कर दी गई थी। जाहिर है कि इसे लेकर जागरुकता फैलाने न तो टाउन प्लानिंग की मंशा थी न ही नगर निगम की।

दलपत को हड़पने की भू-माफियाओं की साजिश का करेंगे पर्दाफाश
दलपतसागर को हड़पने की भू माफियाओं की हर कोशिश का पर्दाफाश किया जाएगा। यह कहना था दलपतसागर बचाओ आंदोलन से जुड़े संजीव शर्मा का। सोमवार को पत्रवार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि गुपचुप तरीके से बिल्डर, कालोनाइजर व जनप्रतिनिधि तालाब की जमीन को हड़पने की तैयारी में हैं। इसके लिए कामयाब होने के लिए उन्होंने प्लानिंग की है। इसमें तालाब के विवादित बंड के साथ ही चौड़ी सड़क के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाने की तैयारी कर रहे हैं। इस मसले को लेकर मंच ने टाउन प्लानिंग के जारी इश्तेहार में आपत्ति लगा दी है। इस मामले को लेकर ग्रीन ट्रिब्यूनल, जलाशयों को लेकर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को भी आपत्ति में जताया जाने की बात उन्होंने कही है। पहले भी इस मसले को लेकर एनजीटी को जिला प्रशासन ने गुमराह करने कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस मौके पर पंकज मिश्रा, हरिशंकर ठाकुर व किरण शुक्ला मौजूद थे।

जलाशय को बर्बाद करने की तैयारी
दावा आपत्ति के लिए जिस दलपतसागर के जिस क्षेत्रफल को प्रदर्शित किया गया है, उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि 60 फीट की यह सड़क इस जलाशय को एक किनारे से चीरती हुई बालाजी मंदिर की ओर निकल रही है। इतना ही नहीं इस सड़क को धरमपुरा मार्ग स्थित बिनाका माल के आसपास चौराहा की शक्ल देकर क्राइस्ट कालेज तक खींचे जाने का खाखा तैयार कर लिया गया है। इस बारे में फिलहाल वार्डवासी भी अनजान हैं।

विवादों के चक्रव्यूह में जलाशय
ऐतिहासिक दलपतसागर पर बंड व उसके बाद जलाशय को चीरकर सड़क दोनों ही विषय विवादित रहे हैं। फिलहाल जलाशय व उससे जुड़े निर्माण का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में चल रहा है। इस मामले को लेकर शहर भी आंदोलित हुआ था। यहां तक कि टाउन प्लानिंग के एक अधिकारी पर भी निलंबन की गाज गिर चुकी है।

नया विवाद, वार्डवासी भौंचक
बताया जा रहा है कि इस कालोनी के रहवासियों ने जब प्लाट खरीदा था, तब इसमें नाली के साथ12 फीट की सड़क प्रस्तावित थी। अब इसे खामोशी से 60 फीट में परिवर्तित किए जाने से कई रहवासियों की सांसें अटक गई है। चर्चा में उन्होंने बताया कि इस मामले में प्रशासन को पूराने राजस्व रिकार्ड को देखना था। कई लोगों का मानना है कि क्राइस्ट कालेज की तरफ कई बिल्डरों ने खेतीहर जमीन पर कब्जा जमाया है। वे इस सड़क की राह देख रहे हैं। इसकी आड़ में कालोनी बनाने से उन्हें चौगुनी आय होनी है।

डायरेक्टोरेट भेजा जाएगा
उपसंचालक टाउन प्लानिंग डीके बघेल इस मसले को लेकर टाउन प्लानिंग में एक दर्जन से अधिक लोगों ने दावा- आपत्ति व सुझाव दिए हैं। इन सभी सुझावों को डायरेक्टोरेट भिजवाया जाना है।

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