मां के जान में जान उस वक्त आई जब उसके मासूम बेटी की रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा

मां के जान में जान उस वक्त आई जब उसके मासूम बेटी की रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा

Badal Dewangan | Updated: 24 Jun 2019, 11:02:45 AM (IST) Jagdalpur, Jagdalpur, Chhattisgarh, India

बच्चे की मौत के बाद गांव में थम गया Japani Encephalitis का कहर, सालभर की बहन हेमवती का रिपोर्ट Negetive आया।

जगदलपुर. बस्तर में चार वर्षीय भुनेश्वर नाग की मौत के बाद Japani Encephalitis का का कहर थम गया है। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती मृतक भुनेश्वर की सालभर की बहन हेमवती का रिपोर्ट भी निगेटिव आया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद परिजन अपने बेटे का तीजनाहन कार्यक्रम करने के लिए रविवार को घर लौटे। जापानी बुखार में बेटे को खोने के बाद बेटी में भी बीमारी का लक्षण दिखाई देने लगा, तो पीडि़ता की मां बेटे के तिजनाहन कार्यक्रम से पहले बेटी का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। हॉस्पिटल में महिला इलाज के दौरान अपनी बेटी को पूरे दिन गोद में लेकर बैठी रही। दूसरे दिन ब्लड रिपोर्ट निगेटिव आने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद तत्काल डिस्चार्ज लेकर बेटे के तिजनाहन कार्यक्रम के लिए घर गए। वहीं दूसरे संदिग्ध मरीज की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आया है।

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अब भी गांव में डटे हुए हैं स्वास्थ्य कर्मचारी
Japani Encephalitis की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग घोड़ीमुंडापारा और ग्राम उडिय़ापाल के दामागुड़ा में शिविर लगाए हुए है। यहां पर ग्रामीणों को मच्छरों से बचने और तबियत खराब होने पर तत्काल जांच करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हालकि इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग को अब तक एक भी संदिग्ध मरीज नहीं मिले हैं।

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मेकॉज में अव्यवस्था से परेशान हो रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था से मरीज काफी परेशान है। यहां पर मरीजों को Ambulence से उतारने से लेकर वार्ड में भर्ती करने तक की सारी प्रक्रिया परिजनों को ही करनी पड़ती है। वार्ड में भर्ती मरीज का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए परिजनों को थमा देते हैं। जानकारी के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को काफी परेशानी होती है। इसकी शिकायत के बाद भी हॉस्पिटल प्रबंधन इस मामले पर कोई पहल नहीं कर रहे हैं।

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संदिग्ध मरीज का रिपोर्ट भी निगेटिव
बकावंड के बीएमओ डॉ. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि, घोड़ीमुंडापारा से मिले एक साल की संदिग्ध मरीज का रिपोर्ट भी negetive आया है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम इस गांव में शिविर लगाकर डोर-टू-डोर ग्रामीणों की जांच की जा रही है।

 

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