scriptJoint team inspected thrips affected chilli crop | थ्रिप्स प्रभावित मिर्च फसल का संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण | Patrika News

थ्रिप्स प्रभावित मिर्च फसल का संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण

वैज्ञानिकों ने इससे बचने के बताए उपाय:- ब्लैक थ्रिप्स (थ्रिप्स पर्विस्पिनस) मुख्यतः विदेशी कीट है, जिसका प्रकोप थाइलैंड, आस्ट्रेलिया, स्पेन, नीदरलैंड, ग्रीस, फ्रांस इत्यादि देशों में अत्यधिक होता है।

जगदलपुर

Updated: May 22, 2022 08:52:12 pm

बोरगांव :- विकासखंड फरसगांव क्षेत्र के कई मिर्ची उत्पादक किसान जिन्होंने इन दिनों मिर्ची की फसल ली है, उन्हें मिर्ची के पौधों में अजीबोगरीब किस्म की बीमारी नजर आई है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने इस बीमारी का नाम ब्लैक थ्रिप्स बताया, जो कि मुख्यतः मिर्ची के फूल को नुकसान पहुंचाती है, जिसके कारण पत्तियां सिकुड़ने लगती है, फल का उत्पादन पर असर करने के साथ साथ फलों की गुणवत्ता खराब होने लगी है।
किसानों ने बताया कि इस कीट के प्रकोप से मिर्च की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। किसानों का कहना है कि इस बीमारी के कारण फसलों को काफी नुकसान पहुंचा, हमने सम्बंधित कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों और विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना भी दे दी है।
ब्लैक थ्रिप्स (थ्रिप्स पर्विस्पिनस) मुख्यतः विदेशी कीट है, जिसका प्रकोप थाइलैंड, आस्ट्रेलिया, स्पेन, नीदरलैंड, ग्रीस, फ्रांस इत्यादि देशों में अत्यधिक होता है।
ब्लैक थ्रिप्स (थ्रिप्स पर्विस्पिनस) मुख्यतः विदेशी कीट है, जिसका प्रकोप थाइलैंड, आस्ट्रेलिया, स्पेन, नीदरलैंड, ग्रीस, फ्रांस इत्यादि देशों में अत्यधिक होता है।
क्या कहते हैं मिर्च उत्पादक किसान-

ग्राम बोरगांव, जुगानी कैंप एवं लंजोड़ा सहित आसपास के मिर्ची उत्पादक किसान बिपुल जोददार 07 एकड़, देवाशीष मंडल 02 एकड़, गोपी राय 03 एकड़, विश्वजीत परामानिक 02 एकड़, जुगानी कैंप तारक बाला 05 एकड़, जयंत मंडल 07 एकड़, मृत्युंजय शील 02 एकड़, विनय राय 03 एकड़, लंजोड़ा शितल वासनिकर 09 एकड़, ने बताया कि वे प्रतिवर्ष मिर्च की खेती करते हैं, इस वर्ष भी सभी ने खेत मे मिर्च की फसल ली है। इससे पहले 2 वर्षों तक लॉक डाउन के कारण हमारी फसल की बिक्री नहीं होने से काफी नुकसान हुआ, और इस वर्ष ब्लैक थ्रिप्स नामक कीट के आक्रमण से हमारी फसलों को नुकसान हो रहा है। मिर्च की फसल को बचाने के लिए हमनें लाखों रुपये की दवाइयों का छिड़काव किया है, लेकिन कोई भी दवा ब्लैक थ्रिप्स से बचाव में कारगर साबित नहीं हो रही है। हमने कृषि विज्ञान केन्द्र एवं संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारियों को सूचना दिया था, अधिकारी निरीक्षण के लिए भी हमारे खेत आये थे लेकिन अब तक उनके द्वारा इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया।
क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक--

वर्तमान में कोंडागांव ज़िले में मिर्च के फसल पर ब्लेक थ्रिप्स के संक्रमण पर कृषि विज्ञान केंद्र कोंडागॉव ने कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ शक्ति वर्मा कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी से सलाह ली, इस विषय पर डॉ वर्मा ने बताया कि
ब्लैक थ्रिप्स (थ्रिप्स पर्विस्पिनस) मुख्यतः विदेशी कीट है, जिसका प्रकोप थाइलैंड, आस्ट्रेलिया, स्पेन, नीदरलैंड, ग्रीस, फ्रांस इत्यादि देशों में अत्यधिक होता है। भारत में इस कीट का पहला मामला सन 2015 में पपीता पर देखा गया बाद में इसका प्रकोप गुलाब तथा सब्जियों में देखा गया। ब्लैक थ्रिप्स एक बहुमुखी कीट है जो मिर्च, राजमा, बरबटी, बैंगन, पपीता वाली मिर्च, आलू, तथा स्ट्राबेरी की फसल को अत्यधिक हानि पहुंचाता है। छत्तीसगढ़ तथा आंध्रप्रदेश में भी ब्लैक थ्रिप्स का प्रवेश हो चुका है जहां यह मिर्च के साथ आलू, बैंगन, शिमला मिर्च तथा फूलों की व्यावसायिक फसलों को नुकसान पहुंचा रही है।
जीवनचक्र तथा क्षति की प्रकृति :-

ये अत्यंत छोटे कीट 1 मिमी लंबे होते है । इसमे नर पीले रंग के होते है । इस कीट की चार अवस्थाये अंडा, शिशु, प्युपी तथा वयस्क होते है । सम्पूर्ण जीवन चक्र 14 दिनों का होता है ।
हानि-- इस कीट के वयस्क तथा शिशु दोनों फसलो की पत्तियों के उपरी सतह को खुरचकर निकले जूस एवं ऊतक के मिश्रण को खाते है। क्षति से निर्मित स्थल भूरे या काले रंग की हो जाती है। क्षति से पत्तिया विकृत, काली एवं फूल बदरंग हो जाते है। ग्रसित पत्तिया ऊपर की ओर मुड़ जाती है एवं भुरभुरी हो जाती है ।
समन्वित प्रबंधन :-
फसल चक्र अपनाएं। खरपतवार मुक्त खेती करे। संतुलित उर्वरको का उपयोग करे।प्रभावित पौधों को नष्ट करे।

रासायनिक नियंत्रण :-- प्रकोप दिखाई देते ही निम्न दवाओ का छिडकाव करे –
स्पिनेटोरम 11.7% SC को 190 मिली/एकड़। फिप्रोनिल 5% SC को 350 मिली/एकड़। डाइफेन्थूरोन 50%WP को 240 ग्राम/एकड़। सायन्ट्रेनिलीप्रोल 10.26% OD का प्रयोग कर सकते हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather. राजस्थान में आज 18 जिलों में होगी बरसात, येलो अलर्ट जारीसंस्कारी बहू साबित होती हैं इन राशियों की लड़कियां, ससुराल वालों का तुरंत जीत लेती हैं दिलशुक्र ग्रह जल्द मिथुन राशि में करेगा प्रवेश, इन राशि वालों का चमकेगा करियरउदयपुर से निकले कन्हैया के हत्या आरोपी तो प्रशासन ने शहर को दी ये खुश खबरी... झूम उठी झीलों की नगरीजयपुर संभाग के तीन जिलों मे बंद रहेगा इंटरनेट, यहां हुआ शुरूज्योतिष: धन और करियर की हर समस्या को दूर कर सकते हैं रोटी के ये 4 आसान उपायछात्र बनकर कक्षा में बैठ गए कलक्टर, शिक्षक से कहा- अब आप मुझे कोई भी एक विषय पढ़ाइएUdaipur Murder: जयपुर में एक लाख से ज्यादा हिन्दू करेंगे प्रदर्शन, यह रहेगा जुलूस का रूट

बड़ी खबरें

SpiceJet की एक और फ्लाइट में खराबी, मुंबई में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग, 17 दिन में तकनीकी खराबी की 7वीं घटनायूपी में प्रशासनिक फेरबदल, 4 IAS और 3 PCS किए गए इधर से उधरउत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड परीक्षा-2022: जाने परीक्षा केंद्र के लिए बनाए गए नियमGujarat: एमई, एमफार्म में प्रवेश के लिए आज से शुरू होगा रजिस्ट्रेशनएंकर रोहित रंजन को रायपुर पुलिस नहीं कर पाई गिरफ्तार, अपने ही दो कर्मचारी के खिलाफ जी न्यूज़ ने दर्ज कराई FIRMausam Vibhag alert : मौसम विभाग का यूपी के कई जिलों में 9-12 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्टबाप बोला, मेरे बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर कर दी अपनी मां की हत्याGanpati Special Train: सेंट्रल रेलवे ने किया बड़ा एलान, मुंबई से चलेगी 74 गणपति महोत्सव स्पेशल ट्रेन, देखें पूरा शेड्यूल
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.