अबूझमाड़ में चल रहा था माओवादियों का स्कूल, 3 महिला शिक्षक पढ़ा रही थी, तभी पहुंची पुलिस...और

ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया मारपीट करने व स्कूल को ध्वस्त करने का आरोप, पुलिस ने स्कूल में तोडफ़ोड़ के आरोपों को बताया निराधार, आईजी का दावा गिरफ्तार महिलाएं कई वारदातों में थी शामिल

By: Shaikh Tayyab

Published: 17 Feb 2020, 12:31 PM IST

जगदलपुर. नारायणपुर पुलिस ने तीन महिला माओवादी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये महिलाएं नारायणपुर के मरकाबेड़ा गांव में माओवादियों द्वारा संचालित एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थीं। ४ फरवरी को जवानों ने इन्हें स्कूल से ही गिरफ्तार किया है।

दरअसल इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब मारकेबेड़ा गांव के लोग डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड) जवानों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे।
ग्रामीणों का आरोप है कि जवान महिलाओं को गांव के माओवादियों द्वारा संचालित स्कूल से गिरफ्तार कर ले गए थे। गांव में बच्चों और ग्रामीणों की पिटाई की, स्कूल के बर्तन को भी नुकसान पहुचाया और स्कूल को भी जला दिया। बाद में जब इन महिलाओं को लेकर माओवादियों ने पर्चा जारी किया तो पुलिस ने इनकी कहीं और से गिरफ्तारी दिखा दी। वहीं पुलिस का दावा है कि तीनों माओवादी स्थानीय संगठन के एलओएस सदस्य सुनीता गावड़े, डिप्टी कमांडर मैनी और एरिया कमेटी मेंबर की रामसु वेदा के रूप में पहचान हुई है।


माओवादियों ने कहा हमारे स्कूल में पढाती थी
माओवादियों के रावघाट एरिया कमेटी के सचिव अर्जुन पद्धा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि गिरफ्तार महिलाएं उनके संगठन द्वारा संचालित स्कूल में शिक्षक थीं। जवानों ने इन्हें पकडक़र न केवल स्कूल बल्कि बच्चों की किताबें और खाने-पीने की सामग्री को आग के हवाले कर दिया। वहीं उन्होंने गांव के सामान को क्षति पहुंचाने और जवानों पर लूटपाट का आरोप भी लगाया है। हालांकि माओवादियों ने इस मामले को लेकर पर्चा ८ फरवरी को जारी किया था। जिसके दूसरे ही दिन पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी दिखाई थी।

ग्रामीणों का आरोप पहले घेरा फिर बच्चों की कर दी पिटाई, माकपा नेता ने की जांच की मांग
मारकेबेड़ा निवासी महरू नरेटी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के साथ पुलिस की टीम 4 फरवरी को आई थी। इन्होंने पहले गांव को घेरा इसके बाद बच्चों और ग्रामीणों की पिटाई की। स्कूल के शिक्षकों को गिरफ्तार भी किया। इधर माकपा के राज्य सचिव संजय पराते ने मामले में जांच की मांग करते हुए कहा है कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने डीआरजी के आत्मसमर्पित माओवादियों को पहचानकर शिकायत की है, लेकिन पुलिस उनका बचाव कर रही है।

गिरफ्तार तीनों महिलाएं कांकेर जिले में थी सक्रिय
तीनों महिलाओं को जवानों ने मन्नार गांव से गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान माओवादी स्थानीय संगठन के एलओएस सदस्य सुनीता गावड़े, डिप्टी कमांडर मैनी और एरिया कमेटी मेंबर की रामसु वेदा के रूप में हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि तीनों गिरफ्तार महिलाएं कांकेर जिले में कई माओवादी वारदात में शामिल रहीं। तीनों को 11 फरवरी को अदालत में पेश किया गया था। स्कूल ध्वस्त करने जैसी कोई बात ही नहीं है।

पी. सुंदरराज, आईजी, बस्तर रेंज

Show More
Shaikh Tayyab Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned