माओवादी विरोध करने ग्रामीणों को कर रहे आगे, दंतेवाड़ा में चार और कैंप खोलने की तैयारी

अब बस्तर पुलिस इसी सफलता को देखते हुए दंतेवाड़ा जिले में 3 से 4 कैंप और खोलने की तैयारी में है। सुरक्षाबलों की इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए माओवादियों ने काउंटर रणनीति बना ली है और कैंप का विरोध करने के लिए ग्रामीणों को आगे करने लगे हैं।

By: Karunakant Chaubey

Published: 09 Sep 2020, 03:10 PM IST

जगदलपुर. दंतेवाड़ा में धुर माओवाद इलाके पोटाली जैसे इलाके में पिछले साल कैंप खुलने के बाद स्थानीय स्तर पर काफी बदलाव आया है। इससे कई अंदरूनी इलाकों में माओवादियों की पकड़ कमजोर भी हुई है। अब तक दंतेवाड़ा और बस्तर में माओवादियों को कमजोर करने सात कैंप खोले जा चुके हैं। कैंप खुलने का पुलिस को फायदा हुआ है।

अब बस्तर पुलिस इसी सफलता को देखते हुए दंतेवाड़ा जिले में 3 से 4 कैंप और खोलने की तैयारी में है। सुरक्षाबलों की इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए माओवादियों ने काउंटर रणनीति बना ली है और कैंप का विरोध करने के लिए ग्रामीणों को आगे करने लगे हैं। रविवार को कैंप खुलने की सुगबगुहाट के बीच ही 9 गांव के करीब एक हजार लोग दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण के करीब स्थित टेटम गांव में जुटे और कैंप खोले जाने का विरोध किया।

ग्रामीणों के जमावड़े पर बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव का कहना है कि ग्रामीण माओवादियों के दबाव में आकर टेटम पहुंचे थे। माओवादी उनके प्रभाव वाले इलाके में फोर्स के मूवमेंट से बौखलाए हुए हैं।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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