जगदलपुर मंडी की इमली से इस तरह से बनाया गया सॉस आपके खाने में ला देगा जाय़का

बस्तर के तीन महिला स्वसहायता समूह पेशेवर तरीके से Market में लांच करेंगी Sauce brand

By: Badal Dewangan

Published: 01 Jul 2019, 03:41 PM IST

जगदलपुर. बस्तर की इमली की डिमांड समूचे देश में है। एक आंकड़े के अनुसार बस्तर में सबसे ज्यादा इमली का उत्पादन होता है। देश को 40-50 फीसद इमली बस्तर देता है। अब इसी इमली से पेशेवर तरीके से सॉस बनाने की तैयारी की जा रही है। बस्तर जिले में कार्यरत तीन महिला स्व. सहायता समूह की महिलाएं इमली चपाती के बाद अपना नया स्टार्ट अप शुरू करने जा रही हैं। इसके तहत इमली से सॉस बनाकर इसे एक ब्रांड के रूप में लांच किया जाएगा। इसकी पैकिंग बाजार में बिकने वाले सॉस की तरह की जाएगी। समूह की महिलाओं को कृषि विज्ञान केंद्र में सॉस बनाने की ट्रेनिंग दी गई। इस ट्रेनिंग में बताया गया कि किस तरह से इमली से स्वादिष्ट सॉस तैयार किया जा सकता है। बस्तर जिले में कार्यरत अमर ज्योति द रुरल डेव्लपमेंट सोसायटी के अंतर्गत लोहाण्डीगुड़ा ब्लॉक के तीन स्व. सहायता समूह की कुल 35 महिला सदस्यों ने कृषि विज्ञान केंद्र में इमली सॉस बनाने का एक दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।

Read More : ग्रामीणों की मांग, लैम्पस में हो राशन दुकान का संचालन

तीनों महिला समूह की सदस्य इमली की चपाती बनाकर बेचती है
प्रशिक्षण की शुरुआत में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एसके नाग ने बताया कि भारत का लगभग 50 प्रतिशत इमली का उत्पादन बस्तर क्षेत्र में होता है। जिसे इमली सॉस के रूप में प्रसंस्करित कर महिलाएं अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकती हैं और इमली चपाती की तुलना में सॉस के विपणन से अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक सुशील कुमार कश्यप ने सॉस बनाने की विधि सेे महिलाओं को अवगत करवाया। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक धर्मपाल केरकेट्टा ने केवीके कैंपस के कडक़नाथ, मत्स्य, बटेर, दुग्ध इकाइयों में महिला सदस्यों का भ्रमण करवाया और उनसे संबंधित जानकारी दी। इस मौके पर केवीके के वैज्ञानिक राहुल साहू, तोषण ठाकुर, लेखराम वर्मा आदि उपस्थित थे।

Read More : महिलाएं अब इस काम में देंगी पुरूषों को मात, जाने पूरी बात पढ़ें खबर

इमली चपाती से दोगुना फायदा सॉस में
अब तक समूह की महिलाएं नाबार्ड के सहयोग से मिली मशीन के जरिए इमली चपाती बना रही थीं, इससे उन्हें प्रति किलो 100 रुपए का मुनाफा होता था जबकि इमली सॉस से उन्हें प्रति किलो २०० रुपए तक फायदा होगा। इस तरह महिलाओं की आय दोगुनी हो जाएगी। बस्तर में पहले इमली औने-पौने दाम पर बेची जाती थी लेकिन इसका महत्व अब यहां के लोग समझ चुके हैं और इसे नए कलेवर में बाजार में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।

पढि़ए JAGDALPUR की रोचक जानकारी

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter और Instagram पर ..

Badal Dewangan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned