सिलगेर में बन रहे टकराव के हालात, कंटेनमेंट जोन होने के बाद भी रैली निकालने पर अडिग है ग्रामीण

Silger naxal camp : सिलगेर में ग्रामीणों की रैली आज, पुलिस का आरोप, रैली के पीछे नक्सली साजिश।

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 08 Jun 2021, 12:55 AM IST

जगदलपुर . सिलगेर का मामला (Silger naxal camp) अब तक शांत नही हुआ है। पुलिस कैम्प हटाने और गोलीकांड के दोषियों को सजा देने की मांग को लेकर ग्रामीण अब तक डटे हुए है। इस बीच ग्रामीणों द्वारा मंगलवार 8 जून को महारैली के आयोजन की घोषणा से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बताया जाता है कि इस प्रदर्शन के द्वारा ग्रामीण सरकार को अपनी ताकत दिखाना चाहते है। इसलिए भीड़ जुटाने उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बकौल दंतेवाड़ा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव सिलगेर प्रदर्शन के पीछे नक्सलियों की साजिश है, पुलिस को सूचना मिली है कि दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण, कुआकोंडा ब्लॉक से भी ग्रामीणों को रैली में शामिल होने को कहा है पुलिस ने इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए है ।

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तीन जिलों से जुटाई जा रही भीड़
सिलगेर में 8 जून की महारैली को लेकर ग्रामीणों के साथ साथ नक्सलियों ने भी ताकत झोंकी है बताया जाता है कि बीजापुर,सुकमा के साथ साथ दंतेवाड़ा जिले से भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को सिलगेर जाने को कहा गया है इसके कारण दूर दराज के ग्रामीण अपना सामान और राशन आदि लेकर पैदल सिलगेर के लिए निकल चुके है दो दिन पूर्व दंतेवाड़ा में सरेंडर हुए नक्सलियों ने पुलिस को जानकारी दी है कि इस नक्सली नेता देवा ने ग्रामीणों की बैठक लेकर रैली में शामिल होने का फरमान जारी किया है जिसके मुताबिक प्रभावित इलाके के गाँव से हर घर से एक व्यक्ति सिलगेर जाएगा यदि नही गया तो 500 प्रति व्यक्ति का अर्थ दंड वसूला जाएगा। इसी तरह का फरमान पुलिस सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है ।

जब तक कैम्प नही हटेगा जारी रहेगा आंदोलन
सिलगेर आंदोलन में शामिल पूवर्ती के एक युवक मंगल ने बताया कि हम पुलिस कैम्प के खिलाफ है जब तक सरकार कैम्प बंद नही करवाती तब तक ग्रामीणों का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। मंगल का कहना है कि यह ग्रामीणों का आंदोलन है नक्सलियों का नही। सरकार इसे बदनाम कर रही है कैम्प खोलकर पुलिस आदिवासियों को परेशान करेगी इसलिए सभी लोग इसका विरोध कर रहे है। इन ग्रामीणों ने मंत्री कवासी लखमा,सांसद व विधायकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

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उसूर और जगरगुंडा कंटेटमेंट ज़ोन घोषित
बीजापुर जिला प्रशासन के मुताबिक सिलगेर मामले को लेकर बढ़ रही लगातार भीड़ के कारण उसूर ब्लॉक में कोरोना विस्फोट हो गया है इस इलाके में संक्रमित मरीजो की अधिक संख्या देखते हुए रविवार को उसूर में कोरोना टेस्टिंग करवाई गई जिसमे 127 पॉजिटिव केस मिले है इस कारण जिला प्रशासन ने पूरे उसूर ब्लॉक को कंटेटमेंट ज़ोन घोषित कर दिया है । यहाँ 14 जून तक सार्वजनिक गतिविधियों के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है बावजूद इसके इस इलाके से बड़ी संख्या में ग्रामीण सिलगेर के लिए रवाना हो रहे है ।

सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय
सिलगेर मामले को लेकर सिर्फ राजनीतिक कार्यकर्ता ही नही बल्कि बड़ी संख्या में सोशल एक्टिविस्ट भी सक्रिय है। सोनी सोरी, मंगल कुंजाम,बेला भाटिया, मालिनी सुंदर सहित कई दूसरे प्रान्त से आए कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बावजूद यह समस्या अभी तक हल नही हो पाई है। वही भाकपा,भाजपा और आप पार्टी के नेता भी अपनी सक्रियता बनाये हुए है।

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Bhupesh Tripathi
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