एक ऐसा बॉक्स जिसमें भरे थे लाखों रूपए, जिसे अपने धधकते इमारत से रातों रात ले गया मालिक, फिर...

एक ऐसा बॉक्स जिसमें भरे थे लाखों रूपए, जिसे अपने धधकते इमारत से रातों रात ले गया मालिक, फिर...
एक ऐसा बॉक्स जिसमें भरे थे लाखों रूपए, जिसे अपने धधकते इमारत से रातों रात ले गया मालिक, फिर...

Badal Dewangan | Updated: 09 Sep 2019, 05:39:07 PM (IST) Jagdalpur, Jagdalpur, Chhattisgarh, India

घटना स्थल पर एक जेसीबी पहुंची। उसने जलती हुई दुकान का शटर तोड़ा और भीतर से एक चेस्ट बाक्स निकाल लिया।

जगदलपुर. गोल बाजार चौक, ठाकुर रोड स्थित पटवा ट्रेडिंग की चार मंजिला इमारत में शुक्रवार रात लगी आग शनिवार दोपहर तक भी नहीं बुझ सकी थी। पत्रिका की तहकीकात में चौंकाने वाली जानकारी मिली है कि दुकान संचालक प्रशासन को अंधेरे में रखकर शनिवार तडक़े शटर तोडक़र वहां छिपाकर रखे लाखों रुपए लेकर निकल गया।

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दो- दो हजार रुपए के बंडल ठसाठस भरे थे
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार तडक़े घटना स्थल पर एक जेसीबी पहुंची। उसने जलती हुई दुकान का शटर तोड़ा और भीतर से एक चेस्ट बाक्स निकाल लिया। आग ने इस चेस्ट बाक्स को जरा भी नुकसान नहीं पहुंचा था। इस बात की भनक एसडीएम जीआर मरकाम को लगी तो वे यह जानने पहुंचे की जेसीबी किसने भेजी है व सामान क्यों निकाला जा रहा है। पूछताछ में पता चला कि दुकान संचालक खुद ही जेसीबी मंगवाई थी। चेस्ट बाक्स के बारे में पूछने पर उसने उसका ताला खोला तो उसमें दो- दो हजार रुपए के बंडल ठसाठस भरे थे। अनुमान के मुताबिक उसमें बीस से पच्चीस लाख रुपए बताया जा रहा है। नोटों को उसने तत्काल अपने साथ लाए बैग में भर लिया। इस बीच एसडीएम ने उससे पूछताछ की तो उसने कहा कि पचास- साठ हजार ही बचे हैं। उसे ले जा रहा हूं।

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पड़ौस के दुकानदारों को भी किया गुमराह
पटवा ट्रैडिंग संचालक ने पटाखा रखे जाने की बात से आसपास के दुकानदारों को भी अंधेरे में रखा था। आसपास वाले दुकानदारों को कभी शक भी हुआ कि पटाखा रखा जा रहा है तो ट्रेडिंग संचालक उन्हें गुमराह करते थे कि सिर्फ मनीहारी का सामान है। आग से नजदीक के दुकानदारों के साज सामान व फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा है।

यह थी घटना
विदित हो कि शुक्रवार की रात ८ बजे से पटवा ट्रेडिंग में धमाकों के साथ आग लगना शुरू हुआ। आग बुझाने के लिए १२ दमकल की वाहनें लगातार लगी रही है। जिसके बाद सुबह आग पर कुछ हद तक काबू पाया गया। पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी के बाद ट्रेडिंग के संचालक रात ही अपने घर लौट गया।

बिना लाइसेंस के दुकान में रखा पटाखा
पटवा ट्रेडिंग के संचालक ने दुकान में पटाखा रखा था, लेकिन इसका लाइसेंस उनके पास नहीं था। एसडीएम जीआर मरकाम ने शनिवार को जांच के दौरान उनसे पटाखा रखने का लाइसेंस मांगा तो संचालक ने लाइसेंस नहीं होने की बात कबूल की। वह बिना लाइसेंस के शहर के सबसे रिहायशी क्षेत्र में नियम विरूद्ध सबकी आंख में धूल झोंक कर पटाखा रख रहा था।

लगातार 18 घंटे तक होते रहे धमाके
एसडीएम जीआर मरकाम ने उक्त मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर शनिवार की शाम को कलक्टर डॉक्टर अय्याज तंबोली को सौंप दी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में उल्लेखित किया है, कि पटवा ट्रेडिंग में आग लगने के बाद से लगातार १८ घंटे तक पटाखों के फूटने की आवाज सुनाई दे रही थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारी तादाद में पटाखा स्टोर कर रखा गया था।

फायरप्रूफ था चेस्ट बाक्स
चार मंजिला इमारत के साथ पूरा सामान जलकर खाक हो गया, लेकिन इस बॉक्स में रखे इन रुपए को कोई नुकसान नहीं हुआ था। जिसे संचालक अपनी बचत वाली रकम बताकर अपने साथ लाए एक बैग में भरकर ले गया। बताया जा रहा है कि इस चेस्ट बॉक्स की क्षमता दो हजार गलनांक से भी अधिक होती है। जिसकी वजह से बॉक्स में ठूंसठूंस कर रखे रुपए सही सलामत थे। इस बात का पता चलने पर कोतवाली ने घटना स्थल के आसपास हाई सिक्यूरिटी लगा दी है।

नयापारा स्थित ट्रेडर्स में भी नहीं मिला लाइसेंस
तहसीलदार सुंदरलाल धृतलहरे ने बताया कि कलक्टर के निर्देश के बाद नयापारा स्थित ट्रेडर्स में अमला जांच करने पहुंचा था। यहां पहुंचने से पहले ही पटाखा हटाकर खम्हारगांव स्थित गोदाम में भेज दिया गया था। इसके बाद खम्हारगांव स्थित टे्रडर्स संचालक के गोदाम पहुंचा गया। जहां पर पटाखा रखा हुआ मिला। जिसे बिना लाइसेंस के स्टोर किया गया था। उक्त मामले में रिपोर्ट बनाकर कलक्टर को आगे की कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया है।

एसडीएम की फटकार पर पटाखा होना कबूला
पटवा ट्रेडिंग कंपनी में कॉस्मेटिक व प्लास्टिक के आयटम के साथ भारी भरकम पटाखा जमा कर रखा गया था। अगले दिन एसडीएम जीआर मरकाम ने जब ट्रेडिंग के संचालक से पूछा दुकान में कितना पटाखा स्टोर कर रखा था। इस पर संचालक ने कहा सर पटाखा नहीं था, कॉस्मेटिक व प्लास्टिक सामान जल कर पटाखे की तरह फूट रहे थे। इस पर एसडीएम ने संचालक पर नाराज होकर फटकार लगाई, तब संचालक ने पटाखा होने की बात कबूल किया। हालांकि कितनी तादाद में पटाखा था, इस पर संचालक स्पष्ट जानकारी नहीं दिया। इधर संचालक पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

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