नक्सल इलाके में स्थित क्वारंटाइन सेंटर से फरार 23 ग्रामीण, मिले तीसरे दिन अपने ही गांव के नहाड़ी में, फिर....

ये 23 ग्रामीण पड़ोसी जिला तेलंगाना के खम्मम में मजदूरी करने गए थे। जहां लॉक डाउन में फंसे रहने के बाद उन्हें ठेकेदार ने छत्तीसगढ़ की सीमा तक छोड़ दिया।

By: Badal Dewangan

Published: 10 May 2020, 10:42 AM IST

दंतेवाड़ा. दो दिन पहले अरनपुर में क्वारंटाइन सेंटर से फरार हुए 23 मजदूर ग्रामीणों को तीसरे दिन प्रशासन के अमले ने खोज निकाला। ग्रामीण पहले दिन भयवश जंगल में छिपे रहे। लेकिन शुक्रवार की रात नहाड़ी गांव पहुंच गए। सतर्क ग्रामीणों ने उन्हें गांव की सीमा के बाहर ही रोक दिया। इसके बाद शनिवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर सभी की सेहत जांच की और उन्हें गांव में ही होम क्वारंटाइन कर रखा है।

बचेली एसडीएम प्रकाश भारद्वाज ने बताया कि ग्रामीण अरनपुर स्थित क्वारंटाइन सेंटर लौटने को राजी नहीं हुए। इसके बाद सभी मजदूरों से शपथपत्र भरवाकर उन्हें गांव में ही होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। उनकी निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग, पटवारियों व 4 पंचायत सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम भारद्वाज ने पटवारियों व पंचायत सचिवों की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना वारियर्स के तौर पर उन्होंने दिन-रात एक कर मजदूरों की तलाश की है।

खम्मम जिले से लौटे थे ग्रामीण
नहाड़ी के उक्त 23 ग्रामीण पड़ोसी जिला तेलंगाना के खम्मम में मजदूरी करने गए थे। जहां लॉक डाउन में फंसे रहने के बाद उन्हें ठेकेदार ने छत्तीसगढ़ की सीमा तक छोड़ दिया। इन मजदूरों को जिला प्रशासन ने बालक आश्रम अरनपुर में बने क्वारंटाइन सेंटर में लाकर बुधवार को रखा था। जहां से ये मजदूर गुरूवार को मौका पाकर फरार हो गए। इनकी पतासाजी में प्रशासन ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था।

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