150 किमी पैदल चल तेलंगाना से कोंटा पहुंचे मजदूर, बाॅर्डर क्रास करने बावजूद घर जाने नहीं मिली सुविधा

तेलंगाना में भवन निर्माण कार्य के लिए गए हुए थे मजदूर, स्वास्थ्य जांच के बाद छत्तीसगढ़ में हुए दाखिल

By: Badal Dewangan

Published: 27 Mar 2020, 02:16 PM IST

कोंटा- तेलांगाना के पालवंचा व अन्य इलाकों में भवन निर्माण का कार्य करने छत्तीसगढ़ से गए १४ मजदूर ने गुरुवार को बॉर्डर क्रॉस किया। सभी मजदूर 150 किमी पैदल चलकर बॉर्डर तक पहुंचे। मजदूरों ने तीन दिन में 150 किमी की दूरी तय की। चिलचिलाती गर्मी के बावजूद घर पहुंचने का उद्देश्य लेकर निकले इन मजदूरों ने तमाम विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए बॉर्डर क्रॉस किया। बॉर्डर पर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यहां सभी ने कुछ देर आराम किया। इस बीच उन्हें स्वास्थ्य अमले ने खाने के लिए भोजन भी मुहैया करवाया लेकिन छत्तीसगढ़ के मजदूरों के पास गांव जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। बॉर्डर से गांव की दूरी ५० किमी से ज्यादा थी। ऐसे में पत्रिका ने अपनी जनसरोकार की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सभी मजदूरों को गांव भेजने के लिए दो गाडिय़ों की व्यवस्था की और सभी उसी में सवार होकर अपने गांव तक गए।

रुपए होने के बावजूद खाना नहीं मिला
तेलंगाना में भी पूरी तरह से लॉक डाउन की स्थिति है। ऐसे में वहां निर्माण कार्य ठप पड़े हुए हैं। ठेकेदारों ने सभी मजदूरों का बकाया पेमेंट कर घर जाने कह दिया। ऐसे में छत्तीसगढ़ समेत ओडिशा के मलकानगिरी जिले के 23 मजदूर आंध्र के चिड़मूर के बॉर्डर पर भयंकर गर्मी के बीच हाइवे पर अपने बच्चों और सामान के साथ भटकते दिखे। पत्रिका संवाददाता ने उनसे बातचीत की को पता चला कि रुपए होने के बावजूद उन्हें तेलंगाना में भोजन नसीब नहीं हो रहा। ऐसे में भूखे मरने से अच्छा था कि पैदल ही गांव का रुख किया जाए। मजदूरों ने कहा कि हमारी सरकार से गुजारिश है कि मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की पहल करे।

छत्तीसगढ़ के मजदूरों को भेजा पेद्दाकुरती और दरबागुड़ा
कोंटा के बॉर्डर में सभी मजदूरों का स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जांच किया गया। सुकमा जिले के 14 मजदूर तेलंगाना के भद्राचलम से पैदल कोंटा पहुंचे जिन्हें पत्रिका के द्वारा पेद्दाकुरती व दरबागुड़ा वाहन में छुड़वाया गया। १४ मजदूरों के अलावा ओडिशा के मलकानगिरी के भी मजदूर थे जिन्हें ओडिशा की तरफ जाने की इजाजत दी गई।

हम मजदूरों को गांव तक पहुंचाने प्रयास कर रहे हैं
लॉकडाउन के बावजूद मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल कर कोंटा पहुंच रहे हैं जिनका टेस्ट कर उन्हें अपने गांव पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। हाल ही में दंतेवाड़ा के मजदूरों को भी दंतेवाड़ा पहुंचाया गया है। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है, पता करवाता हूं कि क्यों मजदूरों को गांव पहुंचाने की व्यवस्था नहीं की गई।
हिमाचल साहू, अनुविभागीय अधिकारी कोंटा

Badal Dewangan
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