13 लाख किसानों को बिजली बिल पर हर माह 833 रुपए की राहत खत्म!

राज्य के 13 लाख किसानों को डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के रूप में मिल रही राहत सियासत की भेंट चढ़ गई है। किसानों के बिजली बिलों में डीबीटी की यह व्यवस्था पिछली भाजपा सरकार ने शुरू की थी।

By: kamlesh

Published: 23 Dec 2020, 02:11 PM IST

भवनेश गुप्ता/जयपुर। राज्य के 13 लाख किसानों को डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के रूप में मिल रही राहत सियासत की भेंट चढ़ गई है। किसानों के बिजली बिलों में डीबीटी की यह व्यवस्था पिछली भाजपा सरकार ने शुरू की थी। मौजूदा कांग्रेस सरकार ने इसे पहले तो अघोषित रूप से बंद कर दिया। अब परीक्षण के नाम पर 'रोक' ही लगा दी है। ऊर्जा सचिव की मौखिक मुहर के बाद अब केवल बिजली कंपनियों की समन्वय समिति की मुहर लगने की औपचारिकता बाकी है।

क्या है डीबीटी
राजे सरकार ने हर कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में 833 रुपए प्रतिमाह (सालाना अधिकतम 10 हजार रुपए) सब्सिडी देना तय किया था। इससे सालाना लगभग 1000 करोड़ का भार आ रहा था।

यों समझें टैरिफ सब्सिडी और डीबीटी

1. टैरिफ में: कृषि विद्युत दर 5.55 रुपए प्रति यूनिट है। इसमें से सरकार 4.65 रुपए प्रति यूनिट सब्सिडी दे रही है। कृषि उपभोक्ता को केवल 90 पैसे प्रति यूनिट देने होते हैं। विद्युत बिल भी इसी आधार पर भेजा जाता है।

2. डीबीटी में: इसमें घरेलू कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन्हें प्रतिमाह 833 रुपए अधिकतम सब्सिडी पुनर्भरण के तौर पर दी जाती रही। पहले बिल भुगतान होगा और फिर उसमें से निर्धारित सब्सिडी राशि किसान के बैंक खाते में जमा होती। अभी तक 688 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।

सब्सिडी में शामिल उपभोक्ता

डिस्कॉम——कुल उपभोक्ता——सब्सिडी उपभोक्ता
जयपुर डिस्कॉम—43.91 लाख—4.45 लाख

अजमेर डिस्कॉम—41.72 लाख—4.22 लाख
जोधपुर डिस्कॉम—36.97 लाख—4.29 लाख

परीक्षण कर रहे हैं
कृषि उपभोक्ताओं की बिजली दर में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है बल्कि नई टैरिफ में विद्युत दर बढऩे के बाद भी किसानों से 90 पैसे प्रति यूनिट ही ले रहे हैं। यह डायरेक्ट विद्युत सब्सिडी से ज्यादा है। पिछली भाजपा सरकार ने तो जाते-जाते घोषणा कर दी, फिर भी हमने कई माह तक सब्सिडी दी। फिर भी परीक्षण करा रहे हैं।
- बीडी कल्ला, ऊर्जा मंत्री

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