14 साल की मासूम बनी मां, दवा के बजाय डॉक्टर ने कर दिया रिफर  

इस दरिंदे ने 14 साल की मासूम को बनाया मां, इसकी मां ने किया अौर भी घिनौना काम

By: Ruchi Sharma

Published: 18 Aug 2017, 12:27 PM IST

अम्बेडकर नगर. दलित जाति की पहले से ही गरीबी का दंश झेल रही कक्षा 8 में पढ़ने वाली 14 साल की मासूम को उसके गांव के एक दरिंदे में अपनी हवस का शिकार बना लिया और किसी से बताने पर जान से मार देने की धमकी भी दिया। लड़की ने जब दहशत में किसी से कुछ नहीं कहा तो दरिंदे का मन और बढ़ गया । जब भी उसे मौका मिला तो उसने मासूम के साथ अपनी हवस पूरी की ।

 

इसी बीच यह मासूम गर्भवती हो गई और जब मामला परिवार के संज्ञान में आया तो इसकी शिकायत दरिंदे के परिवार से हुई, जिसके बाद अपनी कार गुजारी से बचने के लिए दरिंदे ने अपनी मां और सहयोगियों से मिलकर कुछ ऐसा काम किया , जिसे सुनकर पैरों तले जमीन खिसक जाए ।


धोखे से गांव की ही एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मिलाकर आरोपी और उसकी मां ने कीड़े मारने की दवा पिलाने के बहाने गर्भपात की दवा पिला दी, जिसके बाद मासूम की हालत बिगड़ने लगी और लहू लुहान हालत में खून से लथपथ जब मासूम अपनी मां और पिता के साथ हॉस्पिटल पहुंची , तो वहां हॉस्पिटल का नजारा भी अलग था । मासूम हॉस्पिटल में बेंच पर दर्द के मारे तड़प रही थी , संवेदनहीनता की हदों को पार कर हॉस्पिटल की महिला डॉक्टर अपनी कुर्सी पर बैठ दवा देना भी गवारा नहीं समझा , उसे उसी दर्द से तड़पता और लहूलुहान हालत में अपना पीछा छुड़ा जिला अस्पताल रिफर कर दिया ।

 

मामला जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र का है । जहां मोबाइल पर बात कराने के लिए 14 वर्षीय बालिका जब अपने पड़ोसी के घर गयी तो घर में मौजूद दरिंदे ने अकेला पाकर कमरे में बंद कर उसके साथ दुराचार किया और किसी को बताने पर अंजाम भुगतने और जान से मार देने की धमकी भी दी ।

पुलिस ने भी दिखाई संवेदनहीनता 

पीड़ित बालिका शर्म और डर के मारे किसी को कुछ नहीं बताया। चार महीने बाद जब घर वालों को पता चला की उसकी लाडली मां बनने वाली है तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गयी। इसकी शिकयत लेकर जब परिवार वाले उसके घर गए तो पहले तो किसी तरह पीड़िता के घर वालों को उलझाए रहे। पर जब बालिका के पिता ने मामला पुलिस में पहुंचाया तो बजाय मुकदमा लिखने के पुलिस जांच करने पहुंच गयी।  

 

तीन दिन तक इस मासूम का बाप अपनी लाड़ली कद साथ हुए अन्याय को लेकर पुलिस के दरवाजे पर सर पटकता रहा, लेकिन पुलिस मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने के बजाय उसे टरकाती रही। उधर मामला बढ़ता देख आरोपी भी अपने को बचाने के लिए वहसी दरिंदे और उसके परिवार वालों ने एक खौफनाक चाल चली और मासूम के पेट में पल रहे गर्भ को गिराने के लिए एक भयानक साजिश रची। 

गोरखपुर की घटना के बाद भी डॉक्टरों में नहीं है कोई बदलाव

पीड़िता के पिता ने बताया कि जब घर में कोई नहीं था तो गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्मी से मिलकर उसे कीड़े मारने की दवा पिलाने के बहाने गर्भ गिराने की दवा पिला दिया और सुबह होते- होते पीड़िता की हालत खराब हो गयी ।

 
लहू लुहान बालिका जब हॉस्पिटल पहुंची तो वह दर्द से तड़प रही थी , लेकिन अपनी केबिन में बैठ डॉक्टर ने उसे देख कोई इलाज किये बगैर दर्द और लहू लुहान हालत में जिला अस्पताल रिफर कर दिया । पीड़ित बालिका लहूलुहान और दर्द में कई घंटे हॉस्पिटल के बेंच पर तड़पती रही , पर मानवीय संवेदनाओं की सारी हदों को पार कर पूरा हॉस्पिटल प्रशासन मूक दर्शक बना रहा ।

 

जब हॉस्पिटल प्रशासन को लगा कि मीडिया को उनके कृत्यों की भनक लग चुकी है तो अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और उसे वार्ड में ले जाया गया ,जहां उसने चार महीने के मृत बच्चे को जन्म दिया उसके बाद उसे जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया। जब महिला डॉक्टर से उसके प्राथमिक इलाज के बारे में पूछा गया तो टका सा जबाब की इसमें दर्द और ब्लीडिंग तो होता ही है। इसे रोका नहीं जा सकता और उसे रिफर कर दिया है। बिना किसी प्राथमिक उपचार के ही किसी मरीज को रिफर कर दिया गया और यह मासूम अभी भी जिंदगी की जंग जिला अस्पताल में लड़ रही है।

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