गहलोत सरकार ने राजस्थान के लिए वित्त आयोग से रखी ये मांग, पूरी हुई तो जनता को मिलेगा बड़ा फायदा

Congress प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को 15वें वित्त आयोग ( Finance Commission of India ) द्वारा राजनीतिक दलों के साथ जयपुर में रखी गई बैठक में केंद्रीय करों ( Central Taxes ) में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की है। ये मांगें Rajasthan's Geographical Conditions, सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला राज्य, रेगिस्तानी एवं डांग क्षेत्र, अन्य बड़े राज्यों की अपेक्षा कम आबादी घनत्व और जल की अनुपलब्धता ( Water Crisis in Rajasthan ) को लेकर है। ये मांगे पूरी होती है तो Rajasthan को बड़ा फायदा मिलेगा।

By: rohit sharma

Published: 08 Sep 2019, 08:23 PM IST

उमेश शर्मा/जयपुर। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को 15वें वित्त आयोग ( Finance Commission of India ) द्वारा राजनीतिक दलों के साथ जयपुर में रखी गई बैठक में केंद्रीय करों ( Central Taxes ) में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) की ओर से वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. के. सिंह ( NK Singh ) का स्वागत करने के बाद कांग्रेस की ओर से वित्त आयोग के समक्ष राजस्थान की भौगोलिक परिस्थिति ( Geographical Conditions ), सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला राज्य, रेगिस्तानी एवं डांग क्षेत्र, अन्य बड़े राज्यों की अपेक्षा कम आबादी घनत्व और जल की अनुपलब्धता ( Water Crisis in Rajasthan ) की विशेष परिस्थिति का उल्लेख किया गया। यह भी अनुरोध किया गया कि वित्त आयोग को अपने मापदण्डों में संशोधन करते हुए राजस्थान की विशेष परिस्थिति का ध्यान रखा जाए। प्रदेश कांग्रेस सचिव सुशील आसोपा एवं सीए सेल के अध्यक्ष विजय गर्ग ने बैठक में भाग लिया।

नहीं मिल रहा राज्यों को लाभ
आयोग के समक्ष प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केन्द्र द्वारा एकत्रित किया जा रहा सैस और सरचार्ज को केन्द्रीय करों के पूल में ही शामिल किया जाना चाहिए। ताकि राज्यों को इसका लाभ मिले। यहां की रेल परियोजनाओं को केन्द्र सरकार द्वारा प्राथमिकता के साथ हाथ में लेना चाहिए और वित्तीय हिस्सेदारी में भी राज्य को छूट दी जानी चाहिए, जिसके लिए विशेष रूप से डूंगरपुर-रतलाम, अजमेर-सवाईमाधोपुर, धौलपुर-गंगापुरसिटी आदि का उल्लेख किया गया।

कृषि संकट बढ़ा
कांग्रेस की ओर से यह भी अनुरोध किया गया कि राजस्थान एक कृषि प्रधान प्रदेश ( Agricultural Region ) है और यहां कृषि संकट बढ़ रहा है। कांग्रेस सरकार ( Rajasthan Government ) ने सहकारी बैंकों के 2 लाख रुपये तक ऋण माफ कर दिए, लेकिन सरकारी बैंकों से ऋण माफी के पैकेज के लिए केन्द्र की भूमिका महत्वपूर्ण है और इसके लिए आयोग को अपने स्तर पर केन्द्र सरकार ( Central Government ) को अनुशंषा करनी चाहिए। आयोग के समक्ष पूर्वी राजस्थान कैनाल परियोजना और ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर को जोडऩे सहित अन्य नदी परियोजनाओं के लिए राजस्थान को विशेष सहायता देने के लिए भी अनुरोध किया गया।

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