बाजार से गायब होने लगे ये नोट, आने वाले दिनों में करना पड़ सकता है परेशानी का सामना!

बाजार से गायब होने लगे ये नोट, आने वाले दिनों में करना पड़ सकता है परेशानी का सामना!

Dinesh Saini | Publish: Apr, 17 2018 12:52:31 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

बैंक एटीएम में छोटे नोट डाल रहे हैं, जिससे उनमें कैश जल्दी खत्म हो जाता है। इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों से डिपॉजिट में कमी आई है ...

जयपुर। ब्लैक मनी खत्म करने के लिए की गई नोटबंदी के बाद जारी 2000 रुपए के नोट पर भी क्या कालेधन के कारोबारियों ने कुंडली मार ली है? या रिजर्व बैंक ने ही बड़े नोटों की सप्लाई कम कर दी है? 2000 रुपए के नोटों की कमी चर्चा का विषय बना हुआ है। राजस्थान सहित मध्य प्रदेश , बिहार और गुजरात के अलावा भी कई राज्यों से कैश किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं। मध्य प्रदेश में तो स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि सोमवार को खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके पीछे साजिश की आशंका जाहिर करते हुए जांच की बात कही है।


प्रदेश में भी दिखने लगी है नोटों की कमी
2000 रुपए के नोटों की कमी अब प्रदेश में भी दिखने लगी है। जिससे लोगों को लेन-देन में काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। नकदी की कमी प्रदेश सरकार के लिए भी परेशानी बन सकती है। कमी के चलते एटीएम में भी बड़े नोटों की किल्लत देखी जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी 2000 के नोट को लेकर है। इस बारे में बैंक अधिकारियों का कहना है कि 2000 के नोट की जमाखोरी हो रही है। इस वजह से किल्लत बढ़ गई है। बैंक एटीएम में छोटे नोट डाल रहे हैं, जिससे उनमें कैश जल्दी खत्म हो जाता है। इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों से डिपॉजिट में कमी आई है और पैसा ज्यादा निकला है।

 

कुछ मीडिया रिपोट्र्स में कहा गया है कि बैंक शाखाओं और करंसी चेस्ट में भी 2000 रुपए के नोटों की आवक लगातार कम हो रही है। आरबीआई ने नोटबंदी के बाद करीब 7 लाख करोड़ रुपए मूल्य के 2000 रुपए के नोट जारी किए थे। जुलाई में बैंकों में इन नोटों की संख्या करीब 35 फीसदी थी जो नवंबर 2017 तक घटकर 25 फीसद हो गई। बैंकों से जमा नकदी रोजाना औसतन 14 करोड़ से घटकर 4 करोड़ रह गई है।

मध्यप्रदेश सहित देश के अनेक राज्यों में एटीएम में नकदी की कमी के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ लोग 2,000 के नोट दबाकर नकदी की कमी पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। चौहान ने किसान महासम्मेलन में कहा, 'जब (नवंबर 2016 में) नोटबंदी हुई थी तब 15 लाख करोड़ रुपए के नोट बाजार में थे और आज साढ़े 16 लाख करोड़ के नोट छापकर बाजार में भेजे गए हैं। लेकिन 2-2 हजार के नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है। यह षड्यंत्र है।'

चौहान ने कहा कि यह षड्यंत्र इसलिए किया जा रहा है, ताकि दिक्कतें पैदा हो। उन्होंने कहा, 'आज प्रदेश में नकदी की कमी पैदा की जा रही है, इससे राज्य सरकार निपटेगी। प्रदेश सरकार इस पर सख्ती से कार्रवाई करेगी। इस संबंध में हम केंद्र से भी बात कर रहे हैं।' हालांकि, आरबीआई या वित्त मंत्रालय की ओर से इस मामले अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

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