script28 out of 36 PLDBs in loss, only 8 in profit | घाटे के कारणों की होगी समीक्षा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार | Patrika News

घाटे के कारणों की होगी समीक्षा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार

locationजयपुरPublished: Feb 07, 2024 07:47:52 pm

Submitted by:

Om Prakash Sharma

36 में से 28 पीएलडीबी घाटे में, लाभ में मात्र 8। सहकारिता मंत्री ने दिए बैठक में दिए पड़ताल के निर्देश। ऋण वितरण की होगी जांच।

 

घाटे के कारणों की होगी समीक्षा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार
घाटे के कारणों की होगी समीक्षा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार
जयपुर. घाटे से जूझ रही राज्य के प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक (पीएलडीबी) की स्थिति को लेकर सरकार गम्भीर है। प्रदेश की 36 पीएलडीबी में से 28 घाटे में चल रही है। ऐसी स्थिति को देखते हुए सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने इन बैंकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि बैंकों के घाटे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय की जाएगी।
सहकारिता मंत्री ने एक दिन पहले ही बैंकों की समीक्षा बैठक ली थी। इसमें सामने आया था कि वर्ष 2023-23 में मात्र 14 बैंक वार्षिक लाभ की स्थिति में है। वहीं 21 बैंक की स्थिति घाटे की है। जबकि संचित लाभ की स्थिति में बालोतरा, चित्तोड़गढ़, बीकानेर, बिलाड़ा, हनुमानगढ़, जोधपुर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर के भूमि विकास बैंक ही हैं। अन्य सभी बैंक संचित घाटे की स्थिति में है। मंत्री ने कहा कि जिन प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों की वित्तीय हालत अनियमित ऋण वितरण के कारण है ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
12 बैंकों ने ऋण वितरण ही रोक दिया

घाटे की स्थिति यह है कि 12 भूमि विकास बैंकों ने ऋण वितरण ही रोक दिया है। इस खमियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं जो बैंक ऋण दे रहे हैं, वे अपेक्षाकृत कम किसानों को ऋण दे रहे हैं।
ऋण वसूली में भी पिछड़ रहे बैंक
भूमि विकास बैंक ऋण वसूली में भी पिछड़ रहे हैं। करीब 45 हजार किसान अवधिपार की स्थिति में हैं। ये किसान समय पर ऋण चुकता नहीं कर रहे। इसका असर भी बैंकों पर पड़ रहा है। ऐसे में बैंक अन्य किसानों को पर्याप्त स्थिति में लोन नहीं दे पा रहे। बैंक अधिकारियों का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस राज में हुई ऋण माफी के बाद किसानों के ऋण चुकता करने में देरी की स्थिति देखने को मिल रही है।
यह कहा मंत्री ने....
भूमि विकास बैंकों की वित्तीय स्थिति खराब होने का असर किसानों पर पड़ता है। बैंकों की स्थिति अच्छी होगी तो किसानों को अधिक लोन मिलेगा। ऐसे स्थिति में बैंकों की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों को चिनिह्त किया जा रहा है। किसी की भूमिका गलत पाई तो कार्रवाई होगी। ..........गौतम कुमार दक, सहकारिता मंत्री

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