राज्य में जोजोबा की खेती के लिए 3 राजकीय फार्म स्थापित : कृषि मंत्री

राज्य में जोजोबा की खेती के लिए 3 राजकीय फार्म स्थापित : कृषि मंत्री

36 कृषक कर रहे जोजोबा की खेती

By: Rakhi Hajela

Published: 13 Mar 2020, 06:40 PM IST

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में जोजोबा की खेती के लिए 3 राजकीय फार्म स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में राज्य के झुंझुनूं जिले में 27 और बीकानेर के 9 कृषक सहित कुल 36 कृषक जोजोबा की खेती कर रहे हैं। इसी प्रकार हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर जिलों में कुल 32.26 हैक्टेयर भूमि पर 24 कृषक जोजोबा की खेती कर रहे हैं। कटारिया प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यह योजना 1994 में प्रारम्भ की गई थी। योजना के प्रथम चरण में केन्द्र सरकार द्वारा 3 करोड़ 14 लाख 48 हजार रुपए स्वीकृत किए गए और उद्यान स्थापित करने के लिए भूमि राज्य सरकार द्वारा दी गई। योजना के द्वितीय चरण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 73 लाख 71 हजार रुपए का अनुदान दिया गया। इस प्रकार यह योजना कुल 3 करोड़ 87 लाख 69 हजार रुपए लागत की है। उन्होंने बताया कि गत 10 वर्षों से इस योजना में कोई प्रगति नहीं हुई है।

इससे पहले विधायक सतीश पूनियां के मूल प्रश्न के जवाब में कटारिया ने बताया कि राज्य में जोजोबा की खेती के लिए दी एसोसिएशन ऑफ राजस्थान जोजोबा प्लांटेशन एंड रिसर्च प्रोजेक्ट जयपुर नामक संस्था 30 नवम्बर 1994 से कार्य कर रही है। इस संस्था द्वारा राजकीय भूमि पर विगत 3 वर्षों में कोई नया जोजोबा उद्यान स्थापित नहीं किया गया। संस्था के पूर्व में स्थापित जोजोबा उद्यानों पर रखरखाव हेतु वर्ष 2017-18 में 13 लाख 39 हजार, वर्ष 2018-19 में 13 लाख 87 हजार रुपए तथा वर्ष 2019-20 में 8 लाख 67 हजार रुपए 10 फरवरी 2020 तक व्यय किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि किसानों के खेत पर नए जोजोबा उद्यान स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन वृक्ष जनित तिलहन योजनान्तर्गत वर्ष 2017-18 में 10 लाख 69 हजार रुपए, वर्ष 2018-19 में 27 लाख 25 हजार रुपए तथा वर्ष 2019-20 में 2 लाख 50 हजार 10 फरवरी 2020 तक रुपए अनुदान दिया गया। कटारिया ने बताया कि संस्था में श्रमिकों के नियोजन के लिए वित्त विभाग के निर्देशानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है। संस्था की ओर से पंप सेट और ट्रेक्टर के उपयोग के लिए राशि दस हजार से अधिक का डीजल तत् समय प्रचलित दर पर क्रय किया गया। इसके अतिरिक्त राशि दस हजार से अधिक व्यय एवं निविदा जारी की गई, जिसमें वर्ष 2017-18 में शून्य रुपए वर्ष 2018-19 में 18 हजार 372 रुपए नर्सरी के लिए पॉली बेग क्रय किए गए, जिसकी निविदा 6 जून 2018 को जारी की गई तथा वर्ष 2019-20 में शून्य रुपए शामिल हैं।

Rakhi Hajela Desk
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