बहन की इज्जत के लिए आइआइटी स्टूडेंट बना अपराधी, दे दिया खौफनाक वारदात को अंजाम

Deepshikha | Updated: 20 Sep 2019, 06:02:12 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

Jaipur kidnapping case : टॉफी दिलाने के बहाने तीन साल की बच्ची का किया अपहरण, मास्टर माइंड सहित चार आरोपी गिरफ्तार

 

 

अविनाश बाकोलिया / जयपुर. मालवीय नगर थाना इलाके में स्थित झालाना कच्ची बस्ती में गुरुवार को घर के बाहर खेल रही तीन साल की बच्ची के अपहरण की रोचक कहानी सामने आई। अपहरण के मास्टर माइंड की मौसेरी बहन के बच्चा नहीं था, इसलिए उसे बच्चा सौंपने के लिए अपहरण की साजिश रच डाली। मास्टर माइंड ने अपने दोस्तों को बच्चे की जरूरत के बारे में बताया, तो उन्होंने झालाना कच्ची बस्ती से तीन साल की बच्ची को उठा लिया।

आखिरकार इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी दीपेन्द्र सिंह उर्फ दीपू(23) झालाना, गौरव उर्फ गोलू(22) झालाना, पवन सिंह(20) नीम का थाना सीकर और पुष्पेन्द्र सिंह (21) पावटा हाल मूर्तिकला कॉलोनी बजाज नगर के रहने वाले थे। अपहरण की साजिश रचने वाला मास्टर माइंड पुष्पेन्द्र सिंह है।

तीन साल की बच्ची की अपहरण की कहानी

डीसीपी(ईस्ट) राहुल जैन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपित पुष्पेन्द्र ने बताया कि उसकी मौसेरी बहन के बच्चा नहीं था। बहन ने अपने ससुराल में खबर फैला दी कि उसके बच्चा हो गया है। आरोपी का बहनोई फौज में है। बहनोई का ट्रांसफर पठानकोट हो गया। ऐसे में बहन को ससुराल बच्चे को लेकर जाना था।

मौसी ने पुष्पेन्द्र को कहा बेटी बिना बच्चे के ससुराल कैसे जाए। बच्चे का इंतजाम नहीं हुआ तो वह आत्महत्या कर लेगी। पुष्पेन्द्र अपहरण के दो दिन पहले दीपेन्द्र और गौरव के सम्पर्क में आया। पवन और पुष्पेन्द्र झालाना में दीपेन्द्र के पास गए और बच्चे की जरूरत के बारे में बताया। अब समस्या यह आई कि अपहरण के लिए बाइक का इंतजाम कहां से करें। दीपेन्द्र ने गौरव से बाइक मांगी, तो गौरव ने अपने जानकार अजित से किसी को पैमेंट देने के बहाने बाइक ली। गौरव ने बाइक दीपेन्द्र को दे दी।

पकड़े जाने के डर से घर से 200 मीटर दूर छोड़कर फरार हो गए

बाइक मिलने के बाद दीपेन्द्र और पवन गुरुवार ढाई बजे झालाना कच्ची बस्ती पहुंचे और घर के बाहर खेल रही तीन साल की बच्ची को टॉफी देने के बहाने अपहरण कर ले गए। इस दौरान बच्ची के पिता ने पुलिस को अपहरण की सूचना दी। सूचना पर पुलिस ने जगह-जगह नाकाबंदी करवाई। सीसीटीवी कैमरे में बाइक के नंबर कैद हो गए। बाइक के नंबरों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इधर बाइक सवार बदमाश बच्ची को गोपालपुरा स्थित पुष्पेन्द्र के पास लेकर पहुंचे। बदमाशों को भी पता चल गया था कि बाइक के नंबर पुलिस को मिल चुके हैं। पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने बच्ची को वापस उसके घर से 200 मीटर दूर छोड़कर फरार हो गए।

बीच में ही छोड़ दी थी आइआइटी की पढ़ाई

पुलिस ने बताया कि मास्टर माइंड पुष्पेन्द्र भोपाल में आइआइटी की पढ़ाई कर रहा था। तीन सेमेस्टर के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। नशे की लत से उसका मन पढ़ाई में नहीं लगा और वह जयपुर आ गया। जयपुर में पहले बिग बाजार में काम किया फिर कम्प्यूटर का काम करने लगा।

यह था मामला

झालाना कच्ची बस्ती में गुरुवार दोपहर 2.25 बजे तीन साल की बच्ची बड़ी बहन के साथ घर के बाहर खेल रही थी। तभी बाइक पर दो युवक आए और टॉफी दिलाने के बहाने बच्ची का अपहरण कर बाइक पर ले गए। बड़ी बहन ने ऊपर सो रहे पिता को घटना के बारे में बताया। पिता ने अपने टैम्पो से आस-पास ढूंढा। जब बच्ची नहीं मिली तो उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत बच्ची की तलाश शुरू कर दी। बदमाश तीन घंटे बाद बच्ची को घर के पास गली में दुकान के पास छोड़कर फरार हो गए। दुकानदार शेलेन्द्र सिंह ने बच्ची को रोते देख पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को संभाला।

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