सिंडीकेट में 317 करोड़ का बजट पास


एमेट कराने का हुआ निर्णय
10 महीने बाद आयोजित की गई बैठक

By: Rakhi Hajela

Published: 08 Sep 2021, 06:06 PM IST

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय सिंडीकेट की बैठक में बुधवार को विश्वविद्यालय का 317 करोड़ का बजट पास किया गया। सिंडीकेट नहीं होने से पिछले छह महीने से विश्वविद्यालय बिना बजट पास किए ही काम कर रहा था। बैठक में एमेट के एकेडमिक काउंसिल लिए गए निर्णयों को भी पास किया गया। अब एमेट का जल्द आयोजन हो सकेगा। विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले छात्रों को यूजीसी के नियमानुसार शोध कार्य करने का सर्टिफिकेट देगा। इसके अलावा सिंडीकेट में विश्वविद्यालय के छह रिसर्च एसोसिएट शिक्षकों के मामले को सरकार के पास भेजने का निर्णय लिया है। सरकार की परमिशन मिलते ही विश्वविद्यालय इन सभी शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ दे देगा। बजट में सामने आया कि विश्वविद्यालय करीब 157 करोड़ रुपए के घाटे में चल रही है। बैठक में कुलपति नॉमिनी राजेश सिंह और दौसा विधायक मुरारी लाल मीणा उपस्थित नहीं हुए।

गौरतलब है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में सिंडीकेट की अंतिम बैठक 29 दिसंबर 2020 को हुई थी। इसके बाद कोविड के कारण सिंडीकेट नहीं हो पाई। पिछले महीने 16 अगस्त को भी सिंडीकेट की बैठक बुलाई गई थी,लेकिन जिला परिषद् व पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया।

सीएएस के तहत पदोन्नति करवाए जाने की मांग
जिस समय कुलपति सचिवालय में सिंडीकेट की बैठक चल रही थी उसी दौरान कुछ शिक्षकों में करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति का लाभ नहीं मिलने को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। शिक्षकों ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रो. बीडी रावत ने कहा कि प्रमोशन को लेकर कोर्ट ने आदेश दिए हैं लेकिन विवि उनकी पालना नहीं कर रहा और शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ देने से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। 10 11 साल सीएएस हो रहा। कुछ लोग इसे लेकर भ्रांतियां फैला रहे हैं कि इसमें यूजीसी के नियमों की अवहेलना की जा रही है। ऐसे शिक्षक जो 35 साल से विवि में काम कर रहे हैं कि पदोन्नति का लाभ दिया जाना चाहिए।

Rakhi Hajela Desk
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