राजस्थान के 13 जिलों से निकलेंगे 4 नए नेशनल हाइवे, 5 से ज्यादा राज्यों से आवागमन होगा सुदृढ़

आगामी पांच वर्षों में देशभर में करीब 8 हजार किलोमीटर के नए एक्सप्रेस वे और हाइवे बन कर तैयार होंगे। इनमें से 4 नेशनल हाइवे राजस्थान से होकर गुजरेंगे।

By: santosh

Published: 21 Sep 2020, 11:43 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर। आगामी पांच वर्षों में देशभर में करीब 8 हजार किलोमीटर के नए एक्सप्रेस वे और हाइवे बन कर तैयार होंगे। इनमें से 4 नेशनल हाइवे राजस्थान से होकर गुजरेंगे। इनकी कुल लम्बाई करीब ढाई हजार किलोमीटर होगी। राजस्थान से होकर गुजर रहे इन राष्ट्रीय राजमार्गों का काम 2024 तक पूरा होना प्रस्तावित है। देशभर में 8 हजार किलोमीटर के हाइवे बनाने का काम तेजी से चल रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) पंजाब और गुजरात के बीच सड़क मार्ग की दूरी कम करने के लिए अमृतसर-जामनगर के बीच ग्रीनफील्ड हाइवे बना रहा है। यह राजस्थान से होकर गुजरेगा। राजस्थान में पंजाब की तरफ से यह सड़क सबसे पहले हनुमानगढ़ जिले के संगरिया से निकलेगी और टिब्बी, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, सूरतगढ़, रावतसर, लूणकरणसर, बीकानेर, नोखा, बाप, ओसियां, बालेसर, पचपदरा, सिवाणा, सिणधरी, सायला, बागोरा, भीनमाल, चितलवाना, सांचोर तहसील से होते हुए गुजरात में प्रवेश करेगी। राजस्थान के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर जिले इस हाइवे से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। एक तरफ इस हाइवे से पंजाब-हरियाणा जुड़ेगा, दूसरी तरफ गुजरात जुड़ जाएगा। सामरिक महत्त्व के साथ यह हाइवे उद्योगों की दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।

एक अन्य एक्सप्रेस वे दिल्ली-मुम्बई का काम भी तेजी से चल रहा है। वडोदरा से मुम्बई के बीच यह एक्सप्रेस वे पहले ही बन चुका है। गुरुग्राम के सोहना से वडोदरा तक इसका तेज गति से काम चल रहा है। राजस्थान में यह हाइवे अलवर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा जिलों से होकर गुजरेगा। इस हाइवे को जयपुर से भी जोडऩे की योजना है। इसके लिए दौसा के पास से जयपुर तक सड़क चौड़ी करने पर विचार चल रहा है।

अभी यह एक्सप्रेस वे आठ लेन का बन रहा है। लेकिन भविष्य में जरूरत के हिसाब से इसे 12 लेन तक किया जा सकेगा। इसलिए इस एक्सप्रेस वे को पहले से ही इस तरह से बनाया जा रहा है कि विस्तार हो तो दिक्कत नहीं आए। यह हाइवे बनने से दिल्ली से कोटा के बीच पचास किलोमीटर की दूरी भी कम हो जाएगी। दिल्ली से सवाईमाधोपुर के बीच 40 किलोमीटर की दूरी कम होगी। यह हाइवे बनने से ना सिर्फ उद्योग, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसी तरह दो अन्य हाइवे अम्बाला से कोटपूतली और कोटा से इंदौर का भी काम चल रहा है। ये सभी हाइवे मार्च, 2024 तक बन जाने की उम्मीद है।

नए हाइवे बनने से सुगम होगी कई राज्यों की यात्रा:
चार नए हाइवे बन जाने से राजस्थान से गुजरात, मध्यप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब राज्यों की यात्रा काफी सुगम हो जाएगी। इन राज्यों में जाने के लिए लगने वाला समय भी कम होगा। एनएचएआइ के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली से मुम्बई की यात्रा में वर्तमान में चौबीस घंटे लगते हैं, नए एक्सप्रेस वे से 13-14 घंटे में यह यात्रा पूरी हो जाएगी।

जयपुर-दिल्ली के बीच नए हाइवे का नहीं निकला कोई रास्ता:
केन्द्र सरकार जयपुर से दिल्ली के बीच भी एक नया हाइवे बनाना चाहती थी। वर्तमान नेशनल हाइवे नम्बर आठ पर यातायात दबाव ज्यादा है। कानूनी विवादों में उलझने की वजह से सरकार चाहती थी कि जयपुर से दिल्ली के बीच एक नया हाइवे बनाया जाए लेकिन यह मंशा पूरी नहीं हो सकी। दो बार नए हाइवे की कार्ययोजना बनने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। फिर दिल्ली-मुम्बई के बीच नए हाइवे की घोषणा कर दी गई, जो दौसा के पास से गुजरेगा।

ये 4 हाइवे-एक्सप्रेस वे गुजरेंगे राजस्थान से:
दिल्ली-मुम्बई: 1276 किलोमीटर (मार्च 2023 तक काम पूरा किया जाना प्रस्तावित)
अमृतसर-जामनगर: 762 किलोमीटर (मार्च 2023 तक काम पूरा किया जाना प्रस्तावित)
अम्बाला-कोटपूतली: 310 किलोमीटर (मार्च 2023 तक काम पूरा किया जाना प्रस्तावित)
कोटा-इंदौर: 136 किलोमीटर (मार्च 2024 तक काम पूरा किया जाना प्रस्तावित)

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