petrol pump strike: राजस्थान के 7000 पेट्रोल पंपों पर आज नहीं मिलेगा तेल

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ( Rajasthan Petroleum Dealers Association ) ने राजस्थान सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल ( petrol-diesel ) पर की गई अप्रत्याशित वैट ( VAT increase ) वृद्धि के विरोध में शनिवार (10 अप्रेल) को एक दिन की हड़ताल की। संगठन ने कहा कि शनिवार को एक दिन की हड़ताल के बाद भी अगर राज्य सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो एसोसिएशन 25 अप्रेल से अनिश्चितकालीन हड़ताल ( strike) का निर्णय ले सकते है। शनिवार को प्रात:छह बजे रात्रि 12 बजे तक प्रदेश के पेट्रोल पंप किसी भी प्रकार की खरीद

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 10 Apr 2021, 08:22 AM IST

जयपुर। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने राजस्थान सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल पर की गई अप्रत्याशित वैट वृद्धि के विरोध में शनिवार (10 अप्रेल) को एक दिन की हड़ताल की। संगठन ने कहा कि शनिवार को एक दिन की हड़ताल के बाद भी अगर राज्य सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो एसोसिएशन 25 अप्रेल से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय ले सकते है। शनिवार को प्रात:छह बजे रात्रि 12 बजे तक प्रदेश के पेट्रोल पंप किसी भी प्रकार की खरीद व बिक्री नहीं होगी और राज्य के लगभग 7000 पेट्रोल पंप बन्द रहेंगे। संगठन के अनुसार इस हड़ताल के कारण लगभग तीन करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री प्रभावित रहेगी, जिससे सरकार को 34 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि होगी। बयान में कहा गया है कि एसोसिएशन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारियों को इसके संबंध में ज्ञापन देकर राजस्थान में वैट पंजाब के समान करने की मांगी की थी और वार्ता के लिए समय भी मांगा था। परन्तु न तो हमें समय मिला और न ही सरकार द्वारा इसके संबंध में कोई भी सकारात्मक कदम उठाया गया।
34 प्रतिशत तक पेट्रोल-डीजल की मांग घटी
एसोसिएशन का दावा है कि राज्य में पड़ोसी राज्यों से महंगा पेट्रोल और डीजल होने के कारण प्रदेश में इसकी बिक्री में 34 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है और डीलर्स के साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। विशेषकर पंजाब के सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल पंप ज्यादा प्रभावित हैं। उनकी डीजल की बिक्री 70 प्रतिशत तक गिर गई है।
पड़ोसी राज्यों से 10 रुपए तक महंगा तेल
एसोसिएशन के वैट कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि राजस्थान सरकार की ओर से वेट दरों में वृद्धि के कारण प्रदेश में पेट्रोल, डीजल पड़ोसी राज्यों की तुलना में करीब 5 से 10 रुपए तक महंगा है। ऐसे समय में जब महंगाई से पहले ही जनता की कमर टूट रही है, कमाई कम हो रही हैए तो सरकार को जनता को राहत देना चाहिए।
सरकार नहीं कर रही है वार्ता
एसोसिएशन का कहना है कि इसके संबंध में आरपीडीए की ओर से मुख्यमंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारियों को इसके संबंध में ज्ञापन देकर राजस्थान में वैट पंजाब के समान करने की मांगी की थी और वार्ता के लिए समय भी मांगा था। परन्तु न तो हमें समय मिला और न ही सरकार द्वारा इसके संबंध में कोई भी सकारात्मक कदम उठाया गया। इस कारण पेट्रोल पंप डीलर्स को अपनी आजीविका बचाने के लिए मजबूरन हड़ताल का कदम उठाना पड़ा है।
दो साल में दस फीसदी बढ़ाया वैट
एसोसिशन ने कहा कि जब से राज्य में नवीन सरकार बनी है तब से लेकर लेकर करीब दो साल की अवधि में अब तक राज्य सरकार ने पेट्रोल पर वैट 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 38 प्रतिशत और डीजल पर 18 से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया है । इस प्रकार डीजल पर कुल 10 एवं पेट्रोल पर कुल 12 प्रतिशत की वृद्वि की गई, इसमें भी पेट्रोल पर 8 एवं डीजल पर 6 प्रतिशत की वैट वृद्धि केवल कोराना काल में की गई। हालांकि राज्य सरकार ने 28 जनवरी को जनता को कुछ राहत देते हुए पेट्रोल एवं डीजल पर 2 प्रतिशत वैट कम किया है।

Narendra Kumar Solanki Desk
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