script8 thousand panchayat still waiting for final priority list of PMAY | 6 हजार गांवों में वरीयता ही नहीं बनी, 3.97 लाख को इस साल मकान मुश्किल! | Patrika News

6 हजार गांवों में वरीयता ही नहीं बनी, 3.97 लाख को इस साल मकान मुश्किल!

— प्रधानमंत्री आवास योजना— ग्रामीण में सामने आई बड़ी लेटलतीफी, कलक्टरों को तत्काल सूची तैयार करने के निर्देश, राजस्थान पत्रिका ने लगातार उठाया मुद्दा

जयपुर

Updated: October 22, 2021 07:14:36 pm

जयपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना— ग्रामीण के तहत प्रदेश के गांवों में इस साल के लिए चुने गए तीन लाख से अधिक परिवारों को इस वित्तीय वर्ष में आवास दे पाना मुश्किल होगा। केन्द्र से मिले 3.97 लाख आवासों की मंजूरी के लिए ग्रामीण विकास विभाग के स्तर पर जद्दोजहद चल रही है, जबकि परेशानी इससे भी बड़ी सामने आई है।
दरअसल, पूरे राज्य में इन आवासों को स्वीकृत करने से पहले हर ग्राम पंचायत में लाभार्थियों की श्रेणीवार वरीयता निर्धारित होनी है। लेकिन प्रदेश की 11 हजार से अधिक पंचायतों में से तकरीबन 6 हजार में यह वरीयता सूची ही पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। विभाग ने पूर्व में प्रशासन गांवों के संग अभियान की शुरुआत, 2 अक्टूबर तक वरीयता निर्धारण के निर्देश तो दिए थे, लेकिन जिलों में यह काम हो ही नहीं पाया।
8 हजार गांवों में वरीयता ही नहीं बनी, 3.97 लाख को इस साल मकान मुश्किल!
राजस्थान पत्रिका ने उठाया मुद्दा, सीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

राजस्थान पत्रिका ने करीब पांच माह पहले केन्द्र से लक्ष्य आवंटित होने के बावजूद जिलों में गरीबों के मकानों की मंजूरियां जानी नहीं हो पाने का मुद्दा उठाया तो मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी रिपोर्ट मांगी गई। इसी मशक्कत में विभाग के सामने आया कि मंजूरी तो बाद की बात है, अभी तो वरीयता ही निर्धारित नहीं हो पाई है। इसके बाद ग्रामीण विकास सचिव के.के.पाठक ने तत्काल वरीयता निर्धारित करने के विस्तृत आदेश सभी कलक्टरों को दिए हैं।
... तो कठिन है इस साल क्रियान्विती

आदेश में खुद पाठक ने कहा है कि प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत ग्राम सभाएं लंबी चलेंगी। ऐसे में हर पंचायत अपने यहां ग्राम सभा में मंजूरियां जारी करने का इंतजार करेगी तो आवास स्वीकृति में ही लंबा समय लग जाएगा। ऐसे में इस वित्तीय वर्ष में क्रियान्विती करना कठिन होगा।
लंबी है वरीयता निर्धारण की प्रक्रिया

सरकार ने जिलों को जल्द वरीयता तय कर मंजूरियां जारी करने के निर्देश तो दे दिए,लेकिन इसकी प्र क्रिया को देखते हुए यह कार्य इतना आसान नहीं दिख रहा। सूत्रों के अनुसार पहले हर पंचायत में ग्राम सभा आयोजित कर लाभार्थियों की अजा, अजजा, भूमिहीन, अल्पसंख्यक आदि श्रेणीयों की अलग वरीयता तय होगी। ग्राम सभा अनुमोदन करेगी। इसके बाद अनुमोदित सूची जिला अपीलेट कमेटी से मंजूरी के बाद केन्द्र के आवास सॉफ्ट पर अपलोड होगी।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Republic Day 2022 LIVE updates: नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे पीएम मोदी, शहीद जवानों को करेंगे नमनRepublic Day 2022: गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की किलेबंदी, जमीन से आसमान तक करीब 50 हजार सुरक्षाबल मुस्तैदRepulic Day 2022: जानिए क्या है इस बार गणतंत्र दिवस की थीमस्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना हालातों पर राज्यों के साथ की बैठक, बोले- समय पर भेजें जांच और वैक्सीनेशन डाटाBudget 2022: कोरोना काल में दूसरी बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, जानिए तारीख और समयLucknow Super Giants : यूपी की पहली आईपीएल टीम का नाम है लखनऊ सुपर जाइंट्सअप्राकृतिक संबंध बनाने से इंकार करने पर मासूम की हत्या, 20 साल के दरिंदे ने मुरुम में दबा दिया था शवRepublic Day 2022: गणतंत्र दिवस पर इस बार परंपराओं में बदलाव, जानिए परेड में आपको पहली बार कौन सी चीजें दिखेंगी
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.