8 साल की बच्ची ने 35 साल के हैवान से ऐसे बचाई जान, बेटियों को सिखाया ‘डर’ से आजादी का सबक

अपहर्ता उसे उठा ले गया उस समय वह अपने घर से कुछ दूर दुकान से 3 लीटर दूध लेकर आ रही थी...

By: dinesh

Published: 25 Apr 2018, 09:19 AM IST

जयपुर। पिछली 19 तारीख के बाद से 8 साल की अनिका भले ही एहतियातन घर में कैद हो लेकिन देश-प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाओं के बीच उसने समाज को ‘डर’ से आजादी का सबक खूब सिखाया है। गोपालपुरा बायपास स्थित मूर्तिकला कॉलोनी में 19 अप्रेल को इस बहादुर बच्ची ने 35 साल के अपहर्ता युवक को मात देकर समाज को सबक, बेटियों को सम्बल और समाजकंटकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

 

घर से दूध लेने निकली थी अनिका
अनिका पिछले गुरुवार सुबह करीब 5 बजे घर से दूध लेने निकली तो मुहाना स्थित सिद्धि विनायक कॉलोनी निवासी अभय सिंह ईसाई उसे बाइक पर उठा ले गया था। दो सौ मीटर दूर ही पहुंचा था कि बाइक बंद हो गई और अनिका को मौका मिल गया। अपहर्ता अभय ने नुकीली वस्तु से दो जगह वार किया, जिससे वह जख्मी हो गई लेकिन उसने हौसला नहीं खोया। बाइक से कूदकर दौड़ पड़ी।

 

अभय ने बाइक स्टार्ट कर पीछा किया लेकिन पीछे देखे बिना दौड़ती गई और घर जा पहुंची। यह घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ। पुलिस ने एकबारगी तो गम्भीरता से नहीं लिया लेकिन फुटेज देखने के बाद हरकत में आई और 30 घंटे के भीतर अभय को पकड़ लिया। फुटेज में नन्हीं बच्ची का हौसला देख पुलिस खुद दंग रह गई।

 

डरें नहीं, मुकाबला करें
हालांकि घटना के बाद से अनिका ही नहीं, मौहल्ले में उसके हमउम्र सभी बच्चे मायूस हुए हैं। माता-पिता उन्हें अब अकेले नहीं छोड़ते। अनिका ने कहा, डर तो अब भी नहीं है लेकिन अब घर से बाहर जाकर खेलने को मन नहीं करता।

 

बहादुर बच्चों में शामिल है अनिका
पत्रिका ने मंगलवार को अनिका, उसके परिजनों और मौहल्ले के लोगों से बात की तो सामने आया कि अनिका गली-मौहल्ले में ही नहीं बल्कि स्कूल में अपनी चौथी कक्षा में भी सबसे बहादुर बच्चों में गिनी जाती है।

 

रोयी, मगर डरी नहीं
अनिका के पिता राकेश जैमन ने बताया, बाइक सवार युवक जब अनिका को उठा ले जा रहा था, अनिका सोच रही थी कि जैसे-तैसे ‘अंकल’ के चंगुल से छूटंू और घर जाकर पापा को बताऊं कि ‘अंकल’ उसे जबरन ले जा रहा था। घबराई नहीं लेकिन ‘अंकल’ ने किसी नुकीली चीज से मारा तब रोने लगी।

 

हाथ से छोड़ा नहीं 3 लीटर दूध
अनिका जैमन के परिजनों ने बताया, अपहर्ता उसे उठा ले गया उस समय वह अपने घर से कुछ दूर दुकान से 3 लीटर दूध लेकर आ रही थी। इस समूचे घटनाक्रम के दौरान अनिका ने अपने हाथ में ली हुई दूध की थैलियों को नहीं छोड़ा। वह दूध की थैलियों को हाथ में लिए ही बाइक से कूदी और घर की ओर दौड़ लगाई।

 

शाबाश अनिका!
राजस्थान पत्रिका अनिका के जज्बे को सलाम करता है। और इस नन्हीं बच्ची के साहस के लिए इसका सम्मान करता है। पत्रिका निदेशक मंडल ने निर्णय किया है कि इसी सम्मान के रूप में राजस्थान पत्रिका उसके सम्पूर्ण शिक्षण का खर्च वहन करेगा।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned