ओटीपी नम्बर मांगकर निकाले 80 हजार,नहीं थम रही  ठगी की वारदातें

जयपुर. लॉक डाउन में आनलाइन ठगी की वारदातें थम नहीं रही है। ठगों ने एक बार ओटीपी नम्बर पूछकर एक जने के खाते से 80 हजार रुपए उड़ा लिए। अब पीड़ित ने शिवदासपुरा थाने में मामला दर्ज कराके रुपए वापस दिलवाने की गुहार लगाई है। (80 thousand removed by asking for OTP number, fraud cases not stopping)

By: vinod sharma

Published: 24 May 2020, 10:36 AM IST

जयपुर. लॉक डाउन में आनलाइन ठगी की वारदातें थम नहीं रही है। ठगों ने एक बार ओटीपी नम्बर पूछकर एक जने के खाते से 80 हजार रुपए उड़ा लिए। अब पीड़ित ने शिवदासपुरा थाने में मामला दर्ज कराके रुपए वापस दिलवाने की गुहार लगाई है। (80 thousand removed by asking for OTP number, fraud cases not stopping)
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीलवा गांव निवासी मुकेश कुमार पुत्र दुर्गा लाल वर्मा के बैंक खाते में आरोपी ने सेंध लगा दी। आरोपी ने धोखाधड़ी कर रुपए निकालने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान ओटीपी नम्बर पीड़ित के मोबइल पर गया। आरोपी ने फोन कर पीड़ित मुकेश कुमार से ओटीपी नम्बर मांग लिए। मुकेश कुमार ने भी कुछ सोचे बिना आरोपी को ओटीपी नम्बर दे दिए। इसके कुछ देर बाद बैंक से 80 हजार रुपए निकालने का मैसेज उसके पास आया। बैंक से मैसेज मिलने पर ठगी का पता चला। पीड़ित ने आरोपी के मोबाइल नम्बर पर फोन किया तो वह बंद मिला। बैंक में सम्पर्क कर खाते को बंद कराया तथा शिवदासपुरा थाने में धोखाधड़ी कर 80 हजार रुपए निकालने की प्राथमिकी दर्ज कराई। उल्लेखनीय है कि लॉक डाउन के दौरान एक दर्जन से अधिक अॉनलाइन ठगी की वारदातें हो चुकी है। वाट्सएप पर लिंक भेज या ओटीपी नम्बर मांगकर ठगी की वारदातें की जा रही है। पीड़ितों ने विशेष अपराध एवं साइबर शाखा तथा संबंधित थानों में धोखाधड़ी कर रुपए निकालने की प्राथमिकी भी दर्ज कराई। लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।


सावधानी की जरूरत
अॉनलाइन ठगी की वारदातों से बचने के लिए लोगों को सावधानी की जरुरत है। अनजाने नम्बर से वाट्सएप पर आए लिंक को खोलना ही नहीं चाहिए। क्योंकि इस प्रकार के लिंक को खोलते ही रुपए पार होने की वारदात आए दिन सामने आ रही है। बदमाश गिरोह के रुप में वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी प्रकार फोन पे या अन्य के पासवर्ड के बारे में किसी से बातचीत नहीं करनी चाहिए। कुछ लोग आपसी बातचीत में फोन पे का पासवर्ड चुरा लेते हैं। इसके बाद बैंक खाते से रुपए उड़ाने की वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस व बैंक के अधिकारी बार-बार निर्देश जारी करते रहते है कि बैंक एटीएम या फोन पे तथा अन्य की जानकारी वे कभी नहीं मांगते हैं। इस कारण मांगने पर किसी अन्य को नहीं बताए। इसके बाद भी लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।

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