URS FAIR 2016...804 वां उर्स..गुलाब और केवड़े से महकी दरगाह, उमड़े आशिकाने ख्वाजा

804 वें उर्स की विधिवत शुरुआत। कई रस्मों का शुरु हुआ सिलसिला।

 

सूफियाना कलामों की गूंज के बीच सिर पर चादर फैलाए और नाचते गाते पहुंचते अकीदतमंद, जन्नती दरवाजे से गुजर कर जियारत करने की होड़ और झांझ, शादियाने की गूंज के बीच तोपों की सलामी। सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के उर्स में यह नजारा देखने को मिल रहा है।

दरगाह में झांझ, शादियाने बजाए गए और बड़े पीर की पहाड़ी से पांच तोपों की सलामी देकर इस्लामिक माह रजब का चांद दिखाई देने की घोषणा की गई। इसके साथ ही ख्वाजा साहब का 804वां उर्स शुरू हो गया। दरगाह में उर्स की पहली महफिल सजी और मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। उर्स 14 अप्रेल तक चलेगा। उर्स में शामिल होने के लिए देश-विदेश से जायरीन यहां पहुंचने लगे हैं।

छह दिन खुला रहेगा जन्नती दरवाजा

दरगाह परिसर स्थित जन्नती दरवाजा शुक्रवार तड़के ही खोल दिया गया। उर्स में यह दरवाजा छह दिन खुला रहेगा, लेकिन दरवाजा खुलने से पहले ही जायरीन की कतार लग गई। इसके बाद दिनभर जन्नती दरवाजे से गुजरने की होड़ सी मची रही। कई लोग इस दरवाजे से सात बार गुजरते हैं।

कलंदरों ने किया दंग

महरौली से अजमेर तक पैदल चल कर आए कलंदर और मस्त मलंग जुलूस के रूप में दरगाह पहुंचे। उन्होंने वहां छडि़यां पेश की। कलंदर नाचते-गाते और हैरत अंगेज कारनामे दिखाते हुए दरगाह तक पहुंचे। उन्होंने अपने करतबों से हर किसी को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। यह मलंग महरौली से अजमेर तक उर्स शुरू होने का संदेश देते हुए यहां तक पहुंचते हैं। 

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raktim tiwari Reporting
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