अपने जवान बेटे को ढूंढ़ते पहुंचे पुलिया पर, वहां थे शरीर के अंग, पिता ने उठाया हाथ मां ने कटा सिर

अपने जवान बेटे को ढूंढ़ते पहुंचे पुलिया पर, वहां थे शरीर के अंग, पिता ने उठाया हाथ मां ने कटा सिर

Pushpendra Singh Shekhawat | Updated: 18 Sep 2019, 08:00:00 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

हत्या या आत्महत्या: फिर जिंदा नहीं लौटा लोकेंद्र, पिता ने हाथ उठाया तो मां ने कटा सिर, तीन दिन पहले अजमेर पुलिया के नीचे रेलवे लाइन पर मिला था शव, पिता का आरोप बेटे की हुई हत्या, हादसा दिखाने को शव रेलवे लाइन पर पटका

मुकेश शर्मा / जयपुर. जवाहर सर्कल थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराने के 13 दिन बाद ही लोकेन्द्र का क्षत विक्षत शव अजमेर पुलिया के नीचे पड़ा मिला था। राजकीय रेलवे पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन अब मृतक के पिता ने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है। लोकेन्द्र ने अपने ही दोस्त सुरेश का रेलवे लाइन पर क्षत विक्षत शव मिलने के मामले में हत्या की आशंका जताई और दोस्त के पिता के साथ खुलासे के लिए थाने पर गया था। झालाना निवासी बच्चन शर्मा का आरोप है कि बेटे लोकेन्द्र के दोस्त सुरेश की हत्या को भी हादसा बता दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश की हत्या करने वालों ने अब लोकेन्द्र की भी हत्या कर हादसा बताने के लिए बेटे का शव रेलवे लाइन पर पटक दिया। पुलिस निष्पक्ष जांच करे तो उनके बेटे के हत्यारों का पता चल सकेगा।

ममेरे भाई के पास पार्र्टी करने गया था

पिता ने बताया कि लोकेन्द्र 13 सितम्बर की शाम सात बजे सी स्कीम में किराए से रहने वाले ममेरे भाई राहुल के पास पार्टी करने की कहकर गया था। फिर मोबाइल पर देर रात होने का हवाला दे वहीं रुकने की बात कही। राहुल ने भी उसको रोक लिया था। करीब सवा घंटे बाद राहुल ने फोन कर पूछा लोकेन्द्र घर आ गया क्या? उन्होंने राहुल को बताया कि लोकेन्द्र घर नहीं आया। वह तो उसके पास ही सो रहा था। तब राहुल ने कहा कि लोकेन्द्र जबरन चला गया। फिर राहुल से काफी देर तक संपर्क नहीं हो सका। कुछ पल के लिए राहुल मिला और फिर दिल्ली परीक्षा देने जाने की कहकर चला गया। इसके बाद राहुल आज तक सामने नहीं आया। उन्होंने 13 सितम्बर की देर रात को पुलिस कन्ट्रोल रूम में बेटे के लापता होने की सूचना दी। हॉस्पिटल सहित अन्य कई जगह रातभर बेटे की तलाश की। अगले दिन सुबह गांधी नगर थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे। उसी समय जीआरपी थाने से बेटे के मोबाइल के जरिए फोन आया और उन्होंने अजमेर पुलिया के नीचे बुलाया।

हाथ पर लिखा नाम देखाा तो...

पिता बच्चन शर्मा ने कहा कि वे अजमेर पुलिया पहुंचे तो दो पुलिसकर्मी खड़े थे। उनके पास एक व्यक्ति कट्टा लेकर बैठा था। बेटे का कटा हाथ अलग पड़ा था। हाथ पर नाम लिखा देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। लोकेन्द्र की मां भी साथ गई थी। उन्होंने हाथ को उठाया, तभी उसकी मां कुछ दूर पड़े बेटे के कटे सिर को गोद में लेकर बेसुध हो गई। लोकेन्द्र के चार बहने हैं। बहनों की भी लोकेन्द्र के मोबाइल के जरिए पुलिस वालों से बात हुई। वे भी वहां पहुंच गई। पत्नी-बेटियों को संभालता या बेटे के शव को। तब कुछ समझ में नहीं आ रहा था।

आज तक स्कूटर नहीं मिला

लोकेन्द्र घर से जिस स्कूटर से निकला था, वह आज तक नहीं मिला है। रेलवे स्टेशन और सी-स्कीम, झालाना सहित जयपुर के कई क्षेत्रों में स्कूटर की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। उनका आरोप है कि हत्या करने वाले ही बेटे का स्कूटर ले गए।

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