जयपुर में कोरोना मरीज से अस्पताल में हुआ ऐसा बर्ताव, लगा लिया मौत को गले, देखें पीड़ित का आखिरी वीडियो

अव्यवस्थाओं ने मारा कोरोना संक्रमित नवरतन को, वीडियो बनाकर कहा आत्महत्या कर रहा हूं, शव परिजनों को 19 जून को सवाई मानसिंह चिकित्सालय की मोर्चरी में मिला, परिजनों को मौत की सूचना किसी परिचित के जरिए दो दिन बाद मिली

By: pushpendra shekhawat

Published: 30 Jun 2020, 12:19 AM IST

कमलेश अग्रवाल / जयपुर। यहां पर कोई इलाज नहीं होता...यहां पर सीधा लाकर पटक देते हैं....और इसीलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं...मैं बहुत दुखी हूं...यह बात कोरोना संक्रमित नवरतन ने 14 सैकेंड के वीडियो में कही है जो पत्रिका के पास मौजूद है। वीडियो अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान नवरतन ने अपने मोबाइल में रिकार्ड किया है। नवरतन का शव परिजनों को 19 जून को सवाई मानसिंह चिकित्सालय की मोर्चरी में मिला है। परिजनों को नवरतन के मौत की सूचना किसी परिचित के जरिए दो दिन बाद मिली थी।


जयपुर के ब्रह्मपुरी निवासी नवरतन महावर को 15 जून को कोरोना संक्रमिक होने के बाद आरयूएचएस में भर्ती किया गया था। नवरतन के बेटे सूरज ने बताया कि निजी स्तर पर पैसे देकर कोरोना जांच करवाई थी। फोन करके मेडिकल टीम को बुलाया और सभी दस्तावेज देकर अस्पताल भेजा था। उनके साथ आधार, परिचय पत्र सहित पूरी मेडिकल हिस्ट्री थी ताकि किसी तरह की परेशानी नहीं हो। अस्पताल में उनके पिता का सही तरीके से इलाज नहीं किया गया। उनसे पहले दिन और दूसरे दिन बात हुई जिसमें भी उन्होंने बोला की यहां इलाज नहीं हो रहा है कोई देखभाल नहीं हो रही है। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। 19 जून को उनके परिचित का फोन आया था जिससे पिता की मौत की जानकारी मिली। अस्पताल प्रशासन या आरयूएचएस ने कभी नहीं बताया कि उनके पिता की मौत हो गई है।

मोबाइल में मिला वीडियो

सूरज ने बताया कि 20 जून को आरयूएचएस से पिताजी का मेडिकल रिकार्ड और दूसरा सामान लेने गए थे। अस्पताल प्रशासन ने सामान होने से साफ इनकार कर दिया। घंटों तक बहस करने के बाद एक कर्मचारी से मोबाइल मिला। उसे लाकर अब देखा तो उसमें यह वीडियो मिला है जिसमें नवरतन ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं से परेशान होकर आत्महत्या की बात कही है।

उठते हैं बड़े सवाल

नवरतन के बेटे सूरज ने कहा कि उनके पिता को कोरोना ने नहीं अव्यवस्थाओं ने मारा है। इसकी जांच होनी चाहिए कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि अपने पैरों पर चलकर उनके पिता अस्पताल गए और वहां पर उनकी मौत हो गई उन्होंने आत्महत्या करने की जैसी बात क्यों बोली। समय पर मौत की जानकारी नहीं देने के लिए जिम्मेदार कौन है जबकि उनके पास मोबाइल, आधार सहित दूसरे परिचय पत्र मौजूद थे। इस संबंध में सूरज ने उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर करने की बात कही है।

pushpendra shekhawat Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned