1700 किमी प्रति सेकंड की गति से मिल्की-वे से बाहर निकल रहा तारा

रोमांचक घटना: खगोलविदों ने खोजा तारा एस5-एचवीएस1

Anoop Singh

November, 1501:27 AM

कैनबरा. खगोल वैज्ञानिकों ने 1700 किमी प्रति सेकंड से भी ज्यादा की गति से एक तारा आकाशगंगा मिल्की-वे से बाहर जाते हुए देखा है। यह घटना आकाशगंगा के केंद्र में बेहद विशाल ब्लैकहोल से टक्कर के बाद हुई।
यह तारा इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि करीब 100 मिलियन वर्षों में मिल्की वे से बाहर निकल जाएगा और अपने जीवन के बाकी हिस्से को इंटरगैलेक्टिक स्पेस में अकेले बिताएगा। हालांकि 30 साल पहले भविष्यवाणी की गई थी कि ब्लैकहोल तारों को अभूतपूर्व गति से आकाशगंगा से बाहर निकाल सकते हैं। यह पहली बार है, जब इस तरह की घटना दर्ज की गई है। ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी, कैनबरा के खगोलशास्त्री प्रो. गैरी दा कोस्टा ने कहा है कि पांच मिलियन वर्ष पहले यह तारा बाइनरी स्टार सिस्टम का हिस्सा था, जो मिल्की-वे के केंद्रीय ब्लैकहोल स्थित सैजिटेरियस ए-स्टार के करीब था।
3.9 मीटर के टेलीस्कोप का इस्तेमाल
गैरी ने कहा, 'यह तारा रिकॉर्ड-ब्रेकिंग गति से यात्रा कर रहा है। मिल्की-वे में सूर्य सहित अधिकांश तारों की तुलना में 10 गुना तेज है।Ó 'एस5-एचवीएस1Ó के नाम से जाना जाने वाला यह तारा अब तक का तीसरा सबसे तेज गति वाला तारा है। एएनयू साइडिंग स्प्रिंग ऑब्जर्वेटरी में 3.9 मीटर लंबी एंग्लो-ऑस्ट्रेलियन टेलीस्कोप का उपयोग करके टीम ने तारे की खोज की।

anoop singh
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