'बलात्कारी' मानसिकता कब खत्म होगी? Aadhi Duniya, Puri Baat with Tasneem Khan: EP 4

National Crime Records Bureau के मुताबिक 2018 में 33,977 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए हैं। कड़े कानून (laws on rape and sexual crimes) के बावजूद बलात्कार (rape) के आंकड़े हर साल बढ़ते जा रहे हैं।

By: Tasneem Khan

Published: 29 Jun 2020, 07:26 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

कानपुर शेल्टर होम (kanpur shelter home case) में बच्चियों के गर्भवती पाए जाने के बाद से इस मामले पर फिर बहस छिड़ी है। कानून और सरकार के साथ ही समाज की भी जिम्मेदारी है कि वो ऐसी मानसिकता को बदलें, जिसमें महिलाओं को एक (object) के तौर पर देखा जाता है। निर्भया केस (nirbhaya case) में दोषियों को फांसी (death penalty) की सजा के बाद भी अपराधियों में कोई डर नहीं है। आखिर देश में अब भी महिलाएं सुरक्षित क्यों नहीं हैं? क्या इसके लिए कानूनी सुधार ही काफी हैं? या समाज की भी कोई जिम्मेदारी है? यह जानने के लिए, देखिए 'पत्रिका' के खास शो 'आधी दुनिया, पूरी बात विद तसनीम खान' का Episode 4 – ‘बलात्कारी’ मानसिकता कब खत्म होगी?

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