भ्रष्ट करोड़पति अफसरों की काली कमाई, तीन अफसरों के पास से ही पचास करोड़ बरामद, सर्च जारी

विभिन्न बैकों यथा एसबीआई, यूनियन बैंक, आईसीआईसीआई सहकारी बैंक एवं डाक घर में कुल 23 बैंक खातें, जिनमें लगभग 25 लाख रूपये जमा राशि, नगद राशि 4 लाख 13 हजार रूपये 315 ग्राम सोने के आभुषण मिले हैं। उपरोक्त चल-अचल सम्पतियों की वर्तमान प्रचलित बाजार कीमत 20 करोड रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

By: JAYANT SHARMA

Published: 21 Nov 2020, 01:36 PM IST


जयपुर
भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टालरेन्स नीति व भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा आय से अधिक सम्पति भ्रष्ट साधनों से अर्जित करने के विरूद्ध ए.सी.बी. ने तीन विभिन्न अधिकारियों की आसूचना एकत्र कर शुक्रवार को एसीबी की विभिन्न टीमोें द्वारा किये गये तलाशी अभियान में आरोपी अधिकारियों के आवासोें से करोड़ो रूपये मूल्य की चल-अचल सम्पतियों का खुलासा हुआ है।

भ्रष्ट अफसर गिरीश कुमार जोशी पहला केस
ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि प्रथम प्रकरण गिरीश कुमार जोशी, अधीक्षण अभियंता ए.वी.वी.एन.एल. उदयपुर* के विरूद्ध दर्ज किया जाकर उनके 4 स्थानों पर विभिन्न टीमों द्वारा तलाशी की गयी, जिसमें चल-अचल सम्पतियों के बहुत सारे दस्तावेज मिले है। जिनमें श्योभागपुरा, उदयपुर में खसरा नं0 871 में व्यावसायिक भूखण्ड, ग्राम कुण्डाल में आराजी संख्या 4399/1420 कुल रकबा 3 बीघा 14 बिस्वा, ग्राम पावडिया बडगांव उदयपुर में कुल रकबा 9.10 बिस्वा कृषि भूमि, आर्शीवाद नगर उदयपुर में भूखण्ड संख्या 22-23 कुल 2600 वर्गफीट, ग्राम सौभागपुरा में कृषि भूखण्ड संख्या 1 व 2, आराजी संख्या 878 में कुल क्षेत्रफल 6896, बेनामी कृषि भूमि के अनुबंध पत्र कुल कीमत 50 लाख, पटवार हल्का इसवाल में आराजी संख्या 288 कुल रकबा 303.14 हैक्टयर कृषि भूमि, नाथद्वारा में 1 मकान, विभिन्न बैकों यथा एसबीआई, यूनियन बैंक, आईसीआईसीआई सहकारी बैंक एवं डाक घर में कुल 23 बैंक खातें, जिनमें लगभग 25 लाख रूपये जमा राशि, नगद राशि 4 लाख 13 हजार रूपये 315 ग्राम सोने के आभुषण मिले हैं। उपरोक्त चल-अचल सम्पतियों की वर्तमान प्रचलित बाजार कीमत 20 करोड रुपये से अधिक होने का अनुमान है।


केस नंबर दो बूंदी का अफसर चिरंजीलाल
द्वितीय प्रकरण चिरंजीलाल सहायक विकास अधिकारी पंचायत समिति केशोरायपाटन जिला बूंदी के विरूद्ध दर्ज किया जाकर उनके 4 ठिकानों पर विभिन्न टीमों द्वारा तलाशी की गयी, जिसमें चल-अचल सम्पतियों के काफी दस्तावेज मिले है। जिनमें ज्ञान सरोवर बूंदी रोड कोटा में भूखण्ड सं. सी-29, लैण्डमार्क सिटी कोेटा में भूखण्ड सं0 ए-16, पाश्र्वनाथ एन्क्लेव, नान्ता कोटा में फ्लैट सं0 एल-122, कानाकुंज ग्राम बालिता में भूखण्ड सं0 24-25, पत्नी द्रौपदी के नाम से जमीन क्रय करने के दस्तावेज, बैंक खाते एस.बी.आई./एच.डी.एफ.सी. में लाखों रुपये जमा कराने के दस्तावेज, चैपहिया वाहन मारूति ब्रेजा व अल्टो, दो दोपहिया, विभिन्न व्यक्तियों के नाम से लाखों रुपये के चैक, स्वयं एवं परिजनों के नाम से लाखों रुपये के बीमा संबंधी दस्तावेज, कस्बा लाखेरी में मकान एवं 5 बीधा कृषि भूमि के दस्तावेज, 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोना चांदी के आभूषण मिले हैं। उपरोक्त चल-अचल सम्पतियों की वर्तमान प्रचलित बाजार कीमत करीब 13 करोड रूपये होने का अनुमान है।

केस तीन सतीश कुमार गुप्ता जयपुर
तृतीय प्रकरण सतीश कुमार गुप्ता सीनियर डी.जी.एम. (सिविल) रीको जयपुर (जो अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी है) के विरूद्ध दर्ज कर इनके 2 स्थानों पर विभिन्न टीमों द्वारा तलाशी की गयी जिसमें निम्न चल-अचल सम्पतियों के बहुत सारे दस्तावेज मिले है। जिनमें अलवर में 20 बीधा कृषि भूमि, अलवर में 4 मकान एवं 21 दुकानो के कागजात, जयपुर में 15 आवासीय भूखण्डो के कागजात 1 फ्लेट व 1 मकान के कागजात, वाराणसी उत्तर प्रदेश में 1 फ्लेट के कागजात, वाराणसी उत्तर प्रदेश में 1 फ्लेट के कागजात, विभिन्न बैकों में 20 खाते, 1 किलो 400 ग्राम सोने व 3 किलो चांदी के आभुषण कीमत अनुमानत् 80 लाख, 2 बैकों में लाॅकर, 1 अर्टिका कार मिले हैं। उपर्युक्त चल-अचल सम्पतियों की वर्तमान प्रचलित बाजार कीमत करीब 20 करोड रूपये होने का अनुमान है।

JAYANT SHARMA Desk
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