BHANU SAPTAMI सूर्यदेव की कृपा पाने का दिन, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

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By: deepak deewan

Updated: 19 Feb 2021, 07:48 AM IST

जयपुर. माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को अचला सप्तमी कहते हैं। इसे माघी सप्तमी रथ सप्तमी, आरोग्य सप्तमी, भानु सप्तमी, अर्क सप्तमी, सूर्य रथ सप्तमी, संतान सप्तमी आदि नामों से भी जाना जाता है। इस दिन पवित्र स्नान करके सूर्यपूजा और दान करने से सभी सुख प्राप्त होते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि अचला सप्तमी सालभर की सभी सप्तमी तिथि में सर्वश्रेष्ठ मानी गई है।

अचला सप्तमी पर सूर्योदय से पहले स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। सूर्य को बारह बार प्रणाम करते हुए हर प्रणाम के साथ एक मंत्र का उच्चरण करें 1. ॐ मित्राय नमः, 2. ॐ रवये नमः, 3. ॐ सूर्याय नमः, 4.ॐ भानवे नमः, 5.ॐ खगाय नमः, 6. ॐ पूष्णे नमः,7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः, 8. ॐ मरीचये नमः, 9. ॐ आदित्याय नमः, 10.ॐ सवित्रे नमः, 11. ॐ अर्काय नमः, 12. ॐ भास्कराय नमः ।।

सूर्यदेव के साथ पितृ पुरुषों को तांबे या पीतल के कलश से जल में रोली और लाल रंग के फूल मिलाकर जल अर्पित करना चाहिए. इसके बाद घी का दीपक जलाकर सूर्यदेव की पूजा करें। इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। गायत्री मंत्र तथा सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें. सूर्यदेव को मीठा भोग अर्पित करें. इसके उपरान्त गेंहू, गुड़, ताम्बे का बर्तन या लाल वस्त्र दान करें.

माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि प्रारंभ – 18 फरवरी 2021 गुरूवार – 08ः17 बजे
माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि समाप्त – 19 फरवरी 2021 शुक्रवार – 10ः58 बजे
अचला सप्तमी के दिन स्नान का मुहूर्त – सुबह 05ः14 बजे से 06ः56 बजे तक

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