यौन उत्पीडऩ रोकने का अधिनियम प्रभावी रूप से लागू नहीं: रेखा शर्मा


कार्यस्थल पर कामकाजी महिलाओं के यौन उत्पीडऩ को रोकने पर कार्यशाला का आयोजन

By: Rakhi Hajela

Published: 07 Apr 2021, 07:06 PM IST



जयपुर, 7 अप्रेल
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा का कहना है कि यौन उत्पीडऩ रोकने के लिए अधिनियम तो 2013 में बना दिया गया था लेकिन अभी भी प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है। बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में कार्यस्थल पर कामकाजी महिलाओं के यौन उत्पीडऩ को रोकने के विषय आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में उनका कहना था कि आंतरिक समिति के सदस्यों को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 की पूरी जानकारी होनी चाहिए समिति को स्वतन्त्र मस्तिष्क से प्रार्थी की बात सुननी चाहिए और उसकी समस्या के समाधान के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। कार्यशाला में महिला अधिकारिता विभाग की कमिश्नर रश्मि गुप्ता ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की और बताया कि कार्यस्थल पर लैंगिक हिंसा का मामला विशाखा केस के रूप में 1997 में पहली बार सामने आया, जिसमें माननीय सर्वोच्य न्यायालय ने गाइड लाइंस दी, जिन पर 2013 में अधिनियम बना। इस अधिनियम के तहत प्रत्येक विभाग में आई.सी.सी बनाई गई।
राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजीव जैन ने कहा कि पुरुषों को भी जागरुक होने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के विशेष अतिथि फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस के डीन प्रो. एसएल शर्मा ने कहा कि सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए पुरुष मानसिकता को चुनौती देने की आवश्यकता है। प्रो.विजयलक्ष्मी शर्मा ने अधिनियम की बारिकियों और भारतीय संविधान में महिलाओं के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी सुरक्षा प्रदान करता है। प्रो. लाडकुमारी जैन ने इस समस्या के व्यवहारिक पहलू एवं इस अधिनियम के लिए महिला संगठनों की संघर्ष यात्रा का उल्लेख किया। प्रो.पवन सुराणा ने प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा किए और कार्यस्थल पर यौन शोषण रोकने के लिए व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाए जाने पर बल दिया।
कार्यशाला की संयोजिका महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक डॉ.मुक्ता अग्रवाल ने इस कार्यशाला की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के माहौल को सुधारने में मदद मिलेगी और महिलाओं के लिए अनुकूल कार्यस्थलों को बनाने के लिए पुरुषों में भी जागरुकता फैलेगी। कार्यशाला के अंत में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यशाला का संचालन डॉ.राागिनी राणवत ने किया। अंत में डॉ. मधु जैन ने एवं डॉ. संजुला थानवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला का आयोजन राजस्थान विश्वविद्यालय और इसके संघटक कॉलेज की इंटरनल कम्प्लेंट कमेटी के सदस्यों को प्रशिक्षित करने के लिए किया गया था।

Rakhi Hajela Desk
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