पश्चिमी राजस्थान के भील समुदाय के विकास की बनेगी कार्य योजना

राज्य सरकार टीएसपी क्षेत्र से बाहर पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, पाली, जोधपुर आदि जिलों में बिखरे रूप में रह रहे भील समुदाय के परिवारों को मुख्य धारा में लाने के लिए कार्ययोजना बनाएगी।

By: rahul

Published: 04 Aug 2020, 08:38 PM IST

जयपुर। राज्य सरकार टीएसपी क्षेत्र से बाहर पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, पाली, जोधपुर आदि जिलों में बिखरे रूप में रह रहे भील समुदाय के परिवारों को मुख्य धारा में लाने के लिए कार्ययोजना बनाएगी। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के हर जरूरतमंद को सामाजिक सुरक्षा देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस वर्ग की शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए एक कमेटी गठित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

गहलोत मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुडे़।

जोधपुर में हॉस्टल एवं कोचिंग इंस्टीट्यूट

गहलोत ने कहा कि आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए जोधपुर में हॉस्टल एवं कोचिंग इंस्टीट्यूट खोला जाए। इससे इन जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ यह दिवस मनाया जाए।

सोशल एक्टिविस्टों के सुझाव उपयोगी

गहलोत ने कहा कि पात्र लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में एनजीओ एवं सोशल एक्टिविस्टों की बड़ी भूमिका रही है। उनके सुझाव योजनाओं के बेहतर एवं पारदर्शी रूप से क्रियान्वयन में उपयोगी होते हैं। खासकर बाल श्रम उन्मूलन, सिलिकोसिस, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना सहित सूचना के अधिकार के माध्यम से पारदर्शिता लाने में इन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

नशा मुक्ति अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करें

गहलोत ने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 15 अगस्त से शुरू होने वाले नशा मुक्ति अभियान को व्यापक एवं प्रभावी रूप से चलाया जाए। इसमें स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि बाल श्रम के उन्मूलन के लिए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्य स्थलों का निरीक्षण करें। खास तौर पर ऎसे उद्योगों का जहां बालश्रम ज्यादा होने की संभावना रहती है।

जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया ने कहा कि जनजाति क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से कोचिंग दिलवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में भी टीएसपी क्षेत्र के 5 लाख किसानों को उन्नत किस्म के मक्का बीज उपलब्ध करवाया गया है।

rahul Reporting
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