आदर्श सोसायटी फिर अवसायन में, गुजरात के सेवानिवृत्त आइएएस को बनाया अवसायक

केन्द्रीय रजिस्ट्रार ने दिए आदेश

 

By: Ankit

Published: 03 Dec 2019, 01:39 AM IST


जयपुर .कानूनी दावपेंच का सहारा लेकर अभी तक कार्रवाई से बच रही आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी को केन्द्रीय रजिस्ट्रार ने अवसायन में लेने का आदेश जारी कर दिया। केन्द्रीय रजिस्ट्रार विवेक अग्रवाल ने सोसायटी पर नियंत्रण के लिए गुजरात के सेवानिवृत्त आइएएस एच.एस.पटेल को अवसायक नियुक्त किया है। पटेल को अवसायन की कार्रवाई एक साल में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच हर तिमाही में प्रगति रिपोर्ट केन्द्रीय रजिस्ट्रार को पेश करनी होगी। सोसायटी का मुख्यालय गुजरात में है। इसको लेकर गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) और आयकर विभाग ने गत वर्ष ही रिपोर्ट पेश कर दी थी, जिसमें बताया गया था कि सोसायटी ने बहुराज्य सहकारी समिति अधिनियम 2002 का उल्लंघन कर करीब हजारों करोड़ रुपए का घपला किया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर केन्द्रीय रजिस्ट्रार ने दिसम्बर 2018 में सोसायटी को अवसायन में लेने के आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ सोसायटी ने गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

न्यायालय ने सोसायटी को एक बार और सुनने का मौका देते हुए कहा कि पक्ष सुनने के बाद केन्द्रीय रजिस्ट्रार ने फिर आदेश जारी किए। इस पर केन्द्रीय रजिस्ट्रार विवेक अग्रवाल ने सोसायटी को कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर दुबारा अवसायन का आदेश देकर गुजरात के पूर्व आइएएस अधिकारी एच.एस.पटेल को अवसायक नियुक्त किया है।

ऋण लेने वालों से करनी होगी वसूली

अवसायक को पहले सोसायटी से ऋण लेने वालों से वसूली करनी होगी। हालांकि यह मुश्किल होगा, क्योंकि रिपोर्ट में स्पष्ट है कि सोसायटी ने 180 कम्पनियों को 12 हजार करोड़ से अधिक के लोन दिए हैं। इनमें से 122 कम्पनियों को सोसायटी के संचालक खुद मुकेश मोदी व उसके रिश्तेदारों के नाम से ही है। ये कम्पनियां कागजों में ही चल रही थी। इसके अलावा अधिकतर लोन बिना किसी जमा अमानत के ही जारी किए गए। ऐसे 95 प्रतिशत लोन हैं, जिनसे वसूली करना अवसायक के लिए चुनौती होगी। रिकवरी के बाद तय होगा कि निवेशकों के नुकसान भरपाई किस तरह होगी।

Ankit Desk
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