Purushottam Mas Purnima 2020 - कोरोना काल में इस तरह लें ​पवित्र नदियों में पूर्णिमा स्नान का पुण्य लाभ

1 अक्टूबर को अधिक मास की पूर्णिमा है। अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में गुरुवार के दिन आने के कारण इस पूर्णिमा का महत्व बहुत बढ़ गया है। इस दिन श्रीलक्ष्मी नारायण की पूजा करने, स्नान और दान का विधान है। पूर्णिमा के दिन खासतौर पर श्रीसत्यनारायण व्रत कर उनकी कथा सुनते हैं।

By: deepak deewan

Published: 30 Sep 2020, 03:07 PM IST

जयपुर. 1 अक्टूबर को अधिक मास की पूर्णिमा है। अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में गुरुवार के दिन आने के कारण इस पूर्णिमा का महत्व बहुत बढ़ गया है। इस दिन श्रीलक्ष्मी नारायण की पूजा करने, स्नान और दान का विधान है। पूर्णिमा के दिन खासतौर पर श्रीसत्यनारायण व्रत कर उनकी कथा सुनते हैं।

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि अधिक मास में भगवान विष्णु के साथ ही लक्ष्मीजी, शिव—पार्वती, श्रीराम की भी पूजा फलदायी होती है। पूर्णिमा पर शाम को भगवान सत्यनारायण की कथा का आयोजन करना चाहिए। सत्यनारायण भगवान को केले, कसार का प्रसाद अर्पित करें। शाम को ही तुलसी के पास दीपक भी जलाएं। इस सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य दें और रात में चंद्रमा को भी अर्घ्य अर्पित करें।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व है. कोरोना काल में इस बार नदी में स्नान नहीं कर सकेंगे लेकिन इसका भी उपाय है. घर पर ही पानी में थोड़ा सा गंगाजल या नर्मदा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। स्नान करते वक्त पवित्र नदियों के नाम का ध्यान भी कर सकते हैं।

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