आखिर क्यूं नहीं घुस पाएंगे बाल मजदूर प्रदेश की सीमा में...

आखिर क्यूं नहीं घुस पाएंगे बाल मजदूर प्रदेश की सीमा में...

Teena Bairagi | Publish: Jul, 14 2018 11:53:42 AM (IST) | Updated: Jul, 14 2018 11:53:43 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

—टास्क फोर्स रोकेगी उन्हें सीमा में कदम रखने से

—जिलों की बॉर्डर पर तैनात होगी टास्क फोर्स
—प्रदेश में हैं साढ़े आठ लाख बाल मजदूर
—राजधानी जयपुर में है 10 प्रतिशत बाल मजदूर
टीना बैरागी शर्मा
जयपुर
प्रदेश में अब कोई भी बाल मजदूर नजर नहीं आएगा। ना ही ढाबे पर और ना ही ईंट भट्टों या आरी तारी का काम करते हुए। दरअसल राज्य सरकार ने इन मासूमों को प्रदेश की सीमा के भीतर ही नहीं घुसने देने की रणनीति बनाई है। ये मासूम बच्चे जिन राज्यों की सीमा से जुड़े जिलों से प्रवेश करते हैं वहीं पर इन्हें रोकने के पुख्ता इंतजाम कर दिए जाएंगे। अब जिलों की बॉर्डर पर ही टास्क फोर्स की तैनाती की जाएगी। ये टास्क फोर्स मॉनिटरिंग करके इन मासूमों को बॉर्डर से ही उनकी घर वापसी कराएगी और इन्हें जबरन साथ लाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में सरकार ने बच्चोें के लिए काम करने वाली विभिन्न इकाईयों जिसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, मानव तस्करी विरोधी इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन आदि शामिल है इनको निर्देश जारी किए गए है। इसमें वन स्टाप सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


दरअसल सेंटर की ओर से ही सरकार को पत्र लिखा गया है। इसमें जिलों पर ही तैनाती बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इसके बाद सरकार ने टास्क फोर्स को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। सरकार ने बाल मजदूरी को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए सभी इकाईयों को निर्देश जारी किए है। ये हैं टास्क फोर्स— जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में वर्ष 2014 में टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इसका मकसद है बाल मजदूरों के लिए बनाए गए काूननों की पालना कराना। साथ ही बाल मजदूरी के दल—दल में फंसे मासूमों की पहचान कर उनका पुनर्वास करना।


इस फोर्स में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, मानव तस्करी विरोधी इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन का एक—एक प्रतिनिधी और एनजीओ के दो प्रतिनिधी शामिल है। हर तीन महीने में इसकी बैठक होना तय किया गया है।
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इनका कहना है—
जिलों की सीमा पर ही यदि ये फोर्स मॉनिटरिंग करती है तो ये बच्चे प्रदेश के भीतर ही नहीं घुस पाएंगे। इससे रेस्क्यू अभियान प्रदेश के भीतर पहले से ही बाल मजदूरी कर रहे बच्चों को छुड़ाने के लिए काम कर सकेगा। और बाल मजदूरी में फंसे वास्तविक बच्चों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।
विजय गोयल, राज्य समन्वयक
वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर फॉर चिल्ड्रन

फैक्ट फाइल—
2011 की जनगणना के अनुसार बाल मजदूरी कराने में राज्य का पूरे देश में तीसरा स्थान यानि साढ़े आठ लाख बाल मजदूर है प्रदेश में राजधानी जयपुर में 10 प्रतिशत बाल मजदूर है।

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