scriptAfter Corona, the craze of quota increased again | कोरोना के बाद फिर बढ़ा कोटा का क्रेज | Patrika News

कोरोना के बाद फिर बढ़ा कोटा का क्रेज

कोविड के दो साल के ब्रेक के बाद डॉक्टर व इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने के लिए अब ऑफलाइन क्लासरूम कोचिंग के लिए देशभर के विद्यार्थी कोटा आ रहे हैं। इससे कॅरियर एंड केयर सिटी में रौनक लौट आई है। बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के साथ ही इंजीनियरिंग व मेडिकल के साथ-साथ अब कॉमर्स में कॅरियर बनाने के लिए भी विद्यार्थी आ रहे हैं।

जयपुर

Published: June 26, 2022 06:55:19 pm

कोविड के दो साल के ब्रेक के बाद डॉक्टर व इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने के लिए अब ऑफलाइन क्लासरूम कोचिंग के लिए देशभर के विद्यार्थी कोटा आ रहे हैं। इससे कॅरियर एंड केयर सिटी में रौनक लौट आई है। बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के साथ ही इंजीनियरिंग व मेडिकल के साथ-साथ अब कॉमर्स में कॅरियर बनाने के लिए भी विद्यार्थी आ रहे हैं।
अधिकांश इलाकों में हाउसफुल की स्थिति है। कोचिंग संचालकों की मानें तो इस वर्ष कोटा में पिछले सालों की तुलना में अधिक विद्यार्थी पहुंचने का अनुमान है। नीट व जेईई परीक्षा खत्म होने तथा इन परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद तक प्रवेश जारी रहेंगे। वर्ष 2019 में कोटा में 1.65 लाख विद्यार्थी देशभर से आए थे। इसके बाद इस वर्ष यह आंकड़ा 1.80 लाख को पार कर गया।

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बन रहा मेक इन इंडिया का पर्याय

कोटा ने शिक्षण में ऐसा आकर्षण पैदा किया है कि बड़ी संख्या में आइआइटीयन और एमबीबीएस करने वाले युवा अब शिक्षण की तरफ आ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक करीब 400 से अधिक आइआइटीयन पढ़ा रहे हैं। इसके अलावा करीब 100 एमबीबीएस, बीडीएस करके आने वाले विद्यार्थी ने सर्विस में कॅरियर न चुनकर कोटा को चुना है।

विदेशी विवि तक के लिए तैयारी

यहां पढ़ाई सिर्फ मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों की परीक्षा की तैयारी तक ही सीमित नहीं है। विदेशी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी के प्रवेश भी सुनिश्चित हो रहे हैं। कोटा में अब ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, एमआइटी, टोरंटो जैसे दुनिया के श्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कोचिंग दी जाने लगी है।

सुरक्षित माहौल

कोटा का माहौल स्टूडेंट्स फ्रेंडली है। कश्मीर से कन्या कुमारी और पूर्वोत्तर से पश्चिम तक के विद्यार्थी यहां आते हैं। देश के लगभग सभी प्रांतों से 50 हजार से अधिक छात्राएं आकर अध्ययन करती हैं। छात्राओं को यहां सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाया जाता है।

हर तरफ खुशी

विद्यार्थी आने से थड़ी से लेकर रिक्शा चालक, हॉस्टल संचालक, मैस संचालक, डेयरी, फ्रूट-ज्यूस, स्टेशनर्स वाले सभी खुश हैं।


पिछले वर्षों का यह ट्रेंड रहा
2017 में करीब 1.30 लाख विद्यार्थी आए।

2018 में यह संख्या डेढ़ लाख से अधिक हो गई।

2020 में लॉकडाउन लग गया।

75 हजार विद्यार्थी लॉकडाउन के समय कोटा में ही थे।

60 हजार को प्रशासन और कोटा कोचिंग संस्थानों ने मिलकर सुरक्षित घर पहुंचाया।

2021 में 60 हजार विद्यार्थी ही कोटा आए।

2022 में 1.40 लाख से अधिक विद्यार्थी आ चुके हैं।

इसलिए आते हैं कोटा
कोटा इंजीनियरिंग व मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग की दृष्टि से सर्वाधिक उपयोगी है। यहां आइआइटीयन, एनआइटीयन, एमबीबीएस के साथ देश के श्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों से पढ़कर आने वाले युवा शिक्षण में कॅरियर बना रहे हैं। इससे देशभर के विद्यार्थी यहां आते हैं। लाखों की संख्या में विद्यार्थी के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी कोटा में हैं।

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Anand Mani Tripathi

आनंद मणि त्रिपाठी (@aanandmani) राजनीति, अपराध, विदेश, रक्षा एवं सामरिक मामलों के पत्रकार हैं। पत्रकारिता के तीनों माध्यम प्रिंट, टीवी और आनलाइन में गहरा और अपनी तेज तर्रार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के कानपुर और बस्ती में हुई। माध्यमिक शिक्षा नवोदय विद्यालय बस्ती, फैजाबाद और पूर्वोत्तर त्रिपुरा के धलाई जिले में हुई। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय से स्नातक और 2009 में जेआईआईएमसी,दिल्ली से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया। हरियाणा से पत्रकारिता आरंभ की। शिक्षा, विज्ञान, मौसम, रेलवे, प्रशासन, कृषि विभाग और मंत्रालय की रिपोर्टिंग की। इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग से शिक्षा और रेलवे विभाग के कई भ्रष्टाचार का खुलासा किया। रक्षा मंत्रालय के रक्षा संवाददाता पाठयक्रम-2016 पूरा किया। इसके बाद रक्षा मामलों की पत्रकारिता शुरू कर दी। चीन, पाकिस्तान और कश्मीर मामलों पर तीक्ष्ण नजर रहती है। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्या 2017, राइफलमैन औरंगजेब की हत्या 2018, जम्मू—कश्मीर में बदले 2018 में बदले राजनीतिक समीकरण, पुलवामा हमला 2019, कश्मीर से 370 का हटना, गलवान घाटी मुठभेड़ 2020 को बेहद करीब से जम्मू और कश्मीर में रहकर ही कवर किया। कोरोना काल 2020 में भी लददाख से नेपाल तक की यात्रा चीन के बदलते समीकरण को लेकर की। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की रिपोर्टिंग की। 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या मामले में आए फैसले की अयोध्या से कवर किया। 2022 उत्तरप्रदेश् चुनाव को सहारनपुर से सोनभद्र तक मोटर साइकिल के माध्यम से कवर किया। पत्रकारिता से इतर आनंद मणि त्रिपाठी को संगीत और पर्यटन का जबरदस्त शौक है। इन्हें किसी भी कार्य में असंभव शब्द न प्रयोग करने के लिए जाना जाता है...

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