लॉकडाऊन के बावजूद कृषि गतिविधियां सामान्य, 327 लाख टन गेहूं की खरीद

नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन ( lockdown ) के बावजूद सरकार के दिशानिर्देशों के तहत कृषि गतिविधियां ( agricultural activities ) सुचारू रूप से जारी रही है तथा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ( government guidelines and Food Corporation of India ) ने अब तक 326.96 लाख टन गेहूं ( wheat ) की खरीद की है। लॉकडाउन के बावजूद सरकार ( government ) ने खेती के काम ( farming work ) को सुचारू रूप से जारी रखने संबंधी कई उपाय किए है। इन्हीं प्रयासों के चलते एफसीआई द्वारा अब तक 326.96 लाख टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।

By: Narendra Kumar Solanki

Updated: 23 May 2020, 12:44 PM IST

पीएम- किसान योजना से 9.55 करोड़ किसान परिवार लाभान्वित हुए है और उन्हें 19,100.77 करोड़ रुपए दिए गए हैं। ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई भी पिछली बार से 48 प्रतिशत से ज्यादा हुई है। इस बार धान खेती का रकबा 34.87 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल की समान अवधि में 25.29 लाख हेक्टेयर था, जबकि दलहन खेती का रकबा इस बार लगभग 12.82 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल 9.67 लाख हेक्टेयर था। मोटा अनाज इस बार 10.28 लाख हेक्टेयर में बोया गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 7.30 लाख हेक्टेयर था। इसमें कहा गया है कि तिलहन फसल की बुवाई इस बार लगभग 9.28 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो रकबा पिछले वर्ष की समान अवधि में 7.34 लाख हेक्टेयर था।

पांच राज्यों में 75 फीसदी से कम बंटा पीएमजीकेएवाई का अनाज

नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अप्रेल महीने में पांच राज्यों में 75 फीसदी से भी कम अनाज का वितरण हुआ, जबकि देश के बाकी राज्यों में 90 फीसदी अनाज बंटा।
पासवान ने कहा कि पीएमजीकेएवाई के तहत पंजाब, सिक्किम, दिल्ली, मध्य प्रदेश एवं झारखंड में अप्रेल के लिए वितरण 75 फीसदी से कम अनाज बंटा है, जबकि लगभग बाकी राज्यों में 90 फीसदी खाद्यान्नों का वितरण हो चुका है। राम विलास पासवान ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य मंत्रियों एवं खाद्य सचिवों के साथ एक समीक्षा बैठक की। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चालू महीने मई के लिए कई राज्यों द्वारा करीब 61 प्रतिशत खाद्यान्नों का वितरण किया जा चुका है, जबकि दिल्ली, पश्चिम बंगाल मणिपुर, केरल एवं बिहार ने अभी तक मई महीने के लिए या तो खाद्यान्नों का वितरण आरंभ नहीं किया है या जहां कहीं भी हुआ भी है तो वह 10 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम यानी एफसीआई कोविड-19 के दौरान खादयान्न वितरण की जीवन रेखा बन गया है।
कोरोनावायरस के प्रकोप से मिली आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए घोषित 1.70 लाख करोड़ के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकज के तहत पीएमजीकेएवाई चालू की गई है जिसके तहत देश के करीब 80 करोड़ पीडीएसी के लाभार्थियों को पांच किलो अनाज और एक किलो दाल तीन महीने तक हर महीने मुफ्त मुहैया करवाया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के खाद्य मंत्रियों एवं खाद्य सचिवों के साथ बातचीत करते हुए पासवान ने कहा कि उन्हें खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करना चाहिए, जिससे कि कोई भी भूखा न रहे। मंत्री ने जोर देकर कहा कि 'अम्फानÓ तूफान से प्रभावित ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को भी तूफान से पीडि़त लोगों की देखभाल करनी चाहिए।

Narendra Kumar Solanki Desk
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