इस कीट को मारने के लिए विभाग दे रहा सहायता

Castor crop : अरंडी की फसल में कीट से नुकसान का सामना कर रहे प्रदेश के किसानों को कृषि विभाग की ओर से सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।

जयपुर
Castor crop : अरंडी की फसल में कीट से नुकसान का सामना कर रहे प्रदेश के किसानों को कृषि विभाग की ओर से सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। यह कीट अरंडी के पत्तों और तने को खाकर फसल को नुकसान पहुंचाता है। इस कीट का प्रकोप इन दिनों जालौर, पाली और सिरोही जिले के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। कृषि विभाग इस कीट पर नियंत्रण के लिए कीटनाशकों की खरीद पर किसानों को अनुदान राशि उपलब्ध करवा रहा है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि जालौर, पाली एवं सिरोही जिले में अरंडी फसल में सेमिलूपर कीट के नियंत्रण के लिए किसानों को अनुदान देने के लिए राशि उपलब्ध करवाई गई है। ज्यादातर किसानों को राशि उपलब्ध करवा दी गई है। पंत कृषि भवन में आयोजित बैठक में मंत्री ने गुरूवार को कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कीट नियंत्रण के साथ अन्य कई विषयों पर समीक्षा की।
इस तरह ले सकते हैं सहायता
दरअसल, कृषि विभाग की ओर से सेमिलूपर कीट के नियंत्रण के लिए मोनोक्रोटोफॉस 36% एसएल, डाइमेथोएट 30% ईसी, एसीफेट 75% डब्ल्यूपी, प्रोफेनोफॉस 50% ईसी, क्विनालफॉस 25% ईसी आदि पौध संरक्षण रसायन पर 50 फ़ीसदी अथवा 500 रुपए प्रति हेक्टेयर जो भी कम हो के अनुसार अनुदान दिया जा रहा है। किसान अनुदान प्राप्त करने के लिए संबंधित जिले के कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी की विभागीय सिफारिश के अनुसार नजदीकी जीएसएस या केवीएसएस से पौध संरक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

बीज एवं उर्वरक की आपूर्ति के निर्देश
बैठक में कृषि मंत्री कटारिया ने राज्य में रबी फसलों के लिए बीज एवं उर्वरक की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए! उन्होंने कहा कि पूरी रबी सीजन के दौरान किसानों को उर्वरक एवं बीज के लिए कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई है जिसके बारे में किसानों में जागरूकता उत्पन्न करें और गैर ऋणी काश्तकारों का अधिकाधिक बीमा करवाएं।
किसानों को करें जागरूक
कृषि मंत्री ने अधिसूचित बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक किसानों का बीमा करने के लिए आवश्यक कार्य कार्यवाही के निर्देश भी दिए। बैठक में कृषि आयुक्त डॉ. ओम प्रकाश, उद्यानिकी विभाग के आयुक्त वी सरवन कुमार सहित विभागीय उच्चाधिकारी एवं बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस तरह पहुंचाता है नुकसान
आपको बता दें कि यह कीट साधारणतया अगस्त से नवंबर के मध्य में पनपता है। यह खासतौर पर अरंडी की फसल को नुकसान पहुंचाता है। यह अर्धकुण्ड बनाकर चलता है। इसकी मादा पतंगा एक दिन में करीब 450 अंडे देती है। इनसे निकलने वाला लार्वा से अंडे उत्पन्न होते हैं, जो बाद में कीट का रूप लेकर खेतों में खड़ी अरंडी की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। यह कीट अरंडी के कोमल तने व पत्तियों को अपना भोजन बनाती है।

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