भीलवाड़ा नगर परिषद् सभापति Lalita Samdani कांग्रेस में शामिल, जाने BJP छोड़ क्यों थामा 'हाथ'

भीलवाड़ा नगर परिषद् सभापति Lalita Samdani कांग्रेस में शामिल, जाने BJP छोड़ क्यों थामा 'हाथ'

Nakul Devarshi | Updated: 12 Sep 2019, 08:44:14 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

भीलवाड़ा नगर परिषद् की सभापति ललिता समदानी ( Lalita Samdani ) ने बुधवार को कांग्रेस का 'हाथ' थाम लिया। दरअसल, भाजपा ने पिछले साल 2 अगस्त को पार्टी से उन्हें निष्कासित कर दिया था।

जयपुर/ भीलवाड़ा।

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2019 के नज़दीक आने के साथ ही नेताओं के दल-बदलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में भीलवाड़ा नगर परिषद् की सभापति ललिता समदानी ने बुधवार को कांग्रेस का 'हाथ' थाम लिया। दरअसल, भाजपा ने पिछले साल 2 अगस्त को पार्टी से उन्हें निष्कासित कर दिया था। बाद में समदानी को सभापति के पद से भी हटा दिया गया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें बहाल कर दिया।

सैनी ने की थी कार्रवाई

भीलवाड़ा नगर परिषद की सभापति ललिता समदानी को कई गंभीर आरोपों, अनुशासनहीनता और आए दिन विवादों के कारण भाजपा से बाहर का रास्ता दिखाया था। अगस्त 2018 में उनपर तब प्रदेशाध्यक्ष रहे मदनलाल सैनी ने की थी। सैनी ने समदानी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

जानकारों की माने तो पार्टी आलाकमान ने समदानी को सभापति पद से इस्तीफा देने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।


भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरीं थीं समदानी

सभापति समदानी की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और अपने पार्षदों से ही ठनी हुई थी। उन पर भ्रष्टाचार को लेकर कई आरोप लगे। इस सम्बच्ध में एसीबी में परिवाद भी दर्ज हुआ। वहीं उपसभापति मुकेश शर्मा के नेतृत्व में भाजपा के लगभग सभी पार्षदों ने समदानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सभापति की शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी और सांसद सुभाष बहेडि़या से भी नहीं बन रही थी।

जानकारों के अनुसार पार्टी ने सभापति समदानी से इस्तीफा मांग लिया था, पर समदानी ने यह कहते हुए इस्तीफा देने से मना कर दिया कि वे मनोनीत नहीं बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि है। उन्हें पार्षदों ने चुना है। इसलिए इस्तीफा नहीं देंगी।


ये गंभीर आरोप, नतीजा 'निष्कासन'
- नगर परिषद में ऑटो टिपर खरीद हुई। इसमें भ्रष्टाचार की शिकायत हुई। मामला एसीबी तक पहुंचा।

- भीलवाड़ा में स्वीकृत जगह के बजाय दूसरी जगह पर सीसी सड़क का निर्माण हुआ। इसमें पद के दुरुपयोग का आरोप लगा।
- नगर परिषद में मोबाइल एप निर्माण हुआ। आरोप है कि इसमें तीन एप का बजट उठाया, जबकि एक ही बना। खुद के घर में अतिक्रमण को नियम विरुद्ध जाकर नक्शा पास करने का भी आरोप।
- अवैध कॉम्पलेक्स व अतिक्रमण में सैकड़ों नोटिस जारी हुए, पर कार्रवाई नहीं हुई। इसमें भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे।

- विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी व सांसद सुभाष बहेडि़या ने शहर में काम स्वीकृत किए। सभापति ने इनमें भी नियम विरुद्ध जाकर फाइल रोक दी। इसे भी पार्टी ने गलत माना।

''मैने कोई गलत काम नहीं किया''

सभी आरोपों को नकारते हुए समदानी कहती रहीं, ''मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। हमेशा वही काम किया, जो नियमों में था।'' - ललिता समदानी

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