वायु प्रदूषण बना रहा है आक्रामक

वायु प्रदूषण बना रहा है आक्रामक
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Suresh Yadav | Updated: 09 Oct 2019, 07:13:56 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

Jaipur news कहीं ये बजह तो नहीं...

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में निकाला निष्कर्ष
वायु प्रदूषण से प्रभावित होता है व्यवहार

जयपुर।

क्या आपके बच्चे के व्यवहार (behavior) में परिवर्तन (change) हो रहा है। क्या वह दिन ब दिन आक्रामक हो रहा है, यदि ऐसा है तो आपको सचेत होने की जरूरत है।
यह बात तो हम सभी जानते हैं कि प्रदूषित हवा (polluted air) में सांस लेने से हम बीमार हो सकते हैं। लेकिन एक शोध में नई बात सामने आई है जिसमें बताया जा रहा है कि वायु प्रदूषण आपको अधिक आक्रामक भी बना सकता है। हाल ही में कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन से यह निष्कर्ष निकला है। इसका असर सभी उम्र के लोगों पर हो सकता है।
कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के वायुमंडलीय विज्ञान, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी में अध्ययन के एक समूह से यह निष्कर्ष निकला है। शोधकर्ताओं ने महाद्वीपीय संयुक्त राज्य अमेरिका में बढ़े हुए हमले और अन्य हिंसक अपराधों के रूप में वायु प्रदूषण से व्यवहार पर पडऩे वाले प्रभाव के बीच मजबूत संबंध होने का दावा किया है।
अध्ययन (study) के प्रमुख जेसी बुर्कहार्ट, कृषि और संसाधन अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं, जिन्होंने साथी अर्थशास्त्री जुडबहम के साथ मिलकर अध्ययन किया है। एंडर विल्सन सांख्यिकी विभाग में हैं, सिविल इंजीनियरिंग और वायुमंडलीय विज्ञान विभाग (science department)में कई अन्य वायु प्रदूषण विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने इस अध्ययन को अंजाम तक पहुंचाया है।
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन अपराध के आठ साल के आंकड़ों और डेली अमेरिकी वायु प्रदूषण के विस्तृत नक्शे से प्राप्त परिणामों को जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल इकोनॉमिक्स एंड मैनेजमेंट में प्रकाशित किया गया है।
सीएसयू शोधकर्ताओं ने तीन अत्यधिक विस्तृत डेटासेट का विश्लेषण किया है। जिसमें एफबीआई द्वारा रोज तैयार किए जाने वाले आपराधिक गतिविधि के आंकड़े, अमेरिकी एनवायर्नमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी मॉनीटर्स द्वारा 2006-2013 तक के रोज एकत्र किए गए काउंटी-स्तरीय वायु प्रदूषण के आकंड़े, और नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के हैजडऱ् मैपिंग सिस्टम द्वारा प्रदान की गई उपग्रह चित्र से जंगल की आग और धुएं के आंकड़ों पर रोज जुटाए गए आंकड़े शामिल हैं।
वायु प्रदूषण को वैज्ञानिक आमतौर पर ओजोन की सांद्रता, "पीएम 2.5," के माध्यम से प्रदूषण की दरों को मापते हैं, जो स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। यह 2.5 माइक्रोन व्यास के या उससे छोटे कण होते हैं जो कि सांस के द्वारा हमारे शरीर में चले जाते है।
एफबीआई की ओर से 'हिंसकÓ माने जाने वाले अपराधों में से 83 फीसदी अपराध डेटाबेस में हमले के रूप में वर्गीकृत किए जाते हैं।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि ओजोन में एक ही दिन में 0.01 प्रति मिलियन की वृद्धि के कारण हिंसक अपराधों में 0.97 फीसदी की वृद्धि हुई, या हमलों में 1.15 फीसदी की वृद्धि हुई है। शोध के परिणाम बताते हैं कि पीएम 2.5 के लिए एक ही दिन में 10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक-मीटर की वृद्धि से हिंसक अपराधों में 1.4 फीसदी की वृद्धि होती है।
शोधकर्ताओं के अनुसार प्रदूषण के संपर्क में आने से कोई कैसे अधिक आक्रामक हो जाता है, उनके परिणाम केवल अपराधों और वायु प्रदूषण के स्तर के बीच एक मजबूत संबंध बताते हैं। सह अध्ययनकर्ता जेफ पियर्स, एटॉमिक साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर ने बताया कि उपकरण जिसने प्रदूषण डेटा के साथ अपराध डेटा की तुलना की थी, मूल रूप से वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य प्रभावों का अध्ययन करने के लिए सीएसयू महामारी विज्ञान विशेषज्ञ शेरिल मैजमैन के सहयोग से इस्तेमाल किया गया था।

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