सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को खाद बीज बेचान के लाइसेंस जारी होंगे


प्रत्येक जीएसएस 200 नए सदस्य किसान जोड़ेगा
दो हजार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियां बनाई जाएंगी
.प्रमुख शासन सचिव व रजिस्ट्रार ने की वीसी, चार हजार सहकार कर्मी जुड़े

By: Rakhi Hajela

Published: 05 Sep 2020, 10:24 PM IST

राज्य की सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को खादए बीज एवं कीटनाशक बेचान के लाइसेंस जारी किए जाएंगे। समितियों को पात्र बनाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र से संबंधित समिति के पात्र कार्मिक को इसके लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। सहकारिता एवं कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीणा ने इस संबंध में निर्देश जारी किए। शनिवार को ब्लॉक लेवल आयोजित बैठक में उन्होंने कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए 15 से 30 सितम्बर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत किए जाने के निर्देश दिए।

मीणा सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल के साथ शनिवार को ब्लॉक लेवल तक आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहकारी समितियों के व्यवस्थापक, निरीक्षक, सहायक रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार, संयुक्त रजिस्ट्रार, अतिरिक्त रजिस्ट्रार तथा कॉनफैड, सहकारी बैंकों, राजफैड में प्रतिनियुक्त अधिकारियों सहित करीब 4 हजार सहकार कर्मियों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि सहकारिता से राजस्थान के करीब 70 लाख किसान किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं एवं उन्हें सेवा प्रदान कराई जा रही है।
किसानों को सहकारिता से जोडऩे के निर्देश
उनका कहना था कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति 200 नए सदस्य बनाएगी ताकि उन्हें ऋण, खाद, बीज एवं कीटनाशक जैसी सुविधायें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके। अभी प्रदेश में 6545 ग्राम सेवा सहकारी समितियां कार्यरत हैं। उन्होंने ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक व्यक्तियों एवं किसानों को सहकारिता के दायरे में लाकर उन्हें लाभान्वित करने के उदेश्य से निर्देश दिए कि वर्ष 2022.23 तक 2 हजार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिए कि इस वित्तीय वर्ष में 1 हजार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य पूरा करें।
ग्राम सेवा सहकारी समिति बचेगी अनुदानित बीज
मीणा ने कहा कि ब्लॉक लेवल पर नियुक्त सहकारिता निरीक्षक के कार्य दायित्व एवं लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं ताकि राज्य सरकार के निर्णयों का लाभ ग्रासरूट लेवल के व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ही अनुदानित बीजों का बेचान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से ग्राम सेवा सहकारी समितियों की आय में वृद्धि होगी एवं पात्र किसानों को सरकार के अनुदान का भी लाभ मिलेगा और प्रमाणितबीज की आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना
इस अवसर पर रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने कहा कि 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जा रही है। समितियों का चयन कर लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रति समिति 8 लाख रुपए भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कृषि यंत्रों की उपलब्धता सूची भिजवाई जाए।
उन्होंने कहा कि जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पास गोदाम एवं कार्यालय के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें नि:शुल्क भूमि आवंटन करवाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिएकि जिलेवार भूमि विहीन सहकारी समितियोंं की सूची तैयार करें तथा जिला उप रजिस्ट्रार समिति से समन्वय स्थापित कर भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करें। विभाग के स्तर से भी जिला कलक्टर को पत्र लिखा जाएगा।

Rakhi Hajela Desk
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