अवैध खनन पर रोक के लिए खानों के आवंटन जल्द हो

राज्य में सस्टेनेबल खनन के लिए योग्य भूमि पर खानों ( mining ) के आवंटन कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए, ताकि प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बजरी ( Gravel ) के अवैध खनन पर कारगर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त कार्यवाही की जानी चाहिए। अवैध खनन के कारण संगठित अपराध बढऩे के साथ ही राज्य सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही है।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 12 Feb 2021, 12:34 PM IST

जयपुर। राज्य में सस्टेनेबल खनन के लिए योग्य भूमि पर खानों के आवंटन कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए, ताकि प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बजरी के अवैध खनन पर कारगर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त कार्यवाही की जानी चाहिए। अवैध खनन के कारण संगठित अपराध बढऩे के साथ ही राज्य सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही है। खान आवंटन की कार्यवाही में आ रही बाधाओं को दूर करने की निर्देश देते हुए मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने संबंधित विभागों में परस्पर समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। जिला स्तर व उपखण्ड स्तर पर गठित एसआईटी की बैठकें भी नियमित आयोजित की जाए।
राज्य में बजरी, मेरनरी स्टोन और सेण्ड स्टोन के ही अवैध खनन के अधिक प्रकरण सामने आ रहे हैं। बजरी आदि के अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खान, पुलिस व परिवहन विभाग परस्पर सहयोग से संयुक्त कार्यवाही करें। बजरी पर रोक के आदेश दिनांक 16 नवंबर 2017 के बाद से अब तक बजरी के अवैध खनन व परिवहन के 34 हजार 72 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा 207 करोड़ रुपए की पेनल्टी वसूल की जा चुकी है। अवैध खनन को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी करने, संयुक्त अभियान चलाने और सतर्कता विंग को मजबूत बनाया जाना चाहिए। वैध खनन पट्टों के आवंटन में प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कठिनाइयों खासतौर से नगरीय क्षेत्र, वन पुष्टि एवं ईसी से अनुमति की कठिनाइयों को दूर करते हुए तय समय-सीमा में संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही की जाए। अवैध परिवहन पर रोक के लिए जीपीएस युक्त वाहनों का उपयोग अनिवार्य करने पर भी गंभीरता से विचार करना होगा। वन भूमि पर अवैध खनन पर वन विभाग, खातेदारी एवं चरागाह पर राजस्व विभाग व राजकीय भूमि पर खान विभाग को अवैघ खनन की रोकथाम की जिम्मेदारी है। संबंधित विभागों द्वारा भी कार्यवाही की जाती है तो अवैध खनन पर प्रभावी कार्यवाही हो सकेगी।

Narendra Kumar Solanki Desk
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