अलवर के शिशु अस्पताल में लगी आग, बच्ची की झुलसने से मौत

Alwar Children Hospital : जयपुर . साल के पहले दिन Alwar के शिशु अस्पताल के ICU में आग लगने के कारण एक बच्ची की मौत हो गई। Children को यहां जयपुर के JK Lone Hospital में रेफर किया गया था। बच्ची 80 प्रतिशत तक जल गई थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरे मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री ने Inquiry के आदेश दिए हैं।

Alwar children Hospital : जयपुर . साल के पहले दिन अलवर ( Alwar ) के शिशु अस्पताल के आईसीयू ( ICU ) में आग लगने के कारण एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची ( Children ) को यहां जयपुर के जे.के.लोन अस्पताल ( JK Lone Hospital ) में रेफर किया गया था। बच्ची 80 प्रतिशत तक जल गई थी। उपचार ( treatment ) के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरे मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री ने जांच ( Inquiry ) के आदेश दिए हैं।


इस मामले में जयपुर के जे.के.लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक गुप्ता ने बताया कि यह एमएलसी केस था, इसलिए बच्ची की मौत के बाद उसके शव को मोरचरी में रखवाया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने भी मामले की पूरी जांच कराने की बात कही है।


अलवर के शिशु अस्पताल में आग लगने के बाद वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ व वार्ड बाय सहित अन्य स्टाफ के प्रयासों से आनन-फानन में अन्य बच्चों को बगल में शिफ्ट कर दिया था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। धुआं निकालने के लिए वार्ड की खिड़कियों के कांच तोड़े गए। ऑक्सीजन के सिलेण्डर लाकर बच्चों को बगल के हॉल में शिफ्ट कर उनकी जान बचाई गई।


घटना के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी सहित दोनों अस्पतालों के कुछ वार्ड बॉय, गार्ड व चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। झुलसी बालिका को अलवर से जयपुर रैफर कर दिया गया। इसके बाद विभाग के संयुक्त निदेशक मामले की जांच करने अलवर पहुंचे। जिन्होंने चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके अलावा एफबीएनसी वार्ड में आपातकालीन ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के अलग-अलग बयान भी लिए गए हैं।


एबीएनसी वार्ड में केवल 28 दिन तक के नवजात को रखा जाता है। जिनको जन्म के बाद ऑक्सीजन की जरूरत होती है। सर्दी में नवजात वार्मर बैड पर होते हैं। इस वार्मर में ही शॉर्ट सर्किट से आग लगना बताया गया है। जिस वार्मर में आग लगी। उस समय मासूम को ऑक्सीजन भी लगी थी। ऑक्सीजन के लिए मुंह पर वुड लगा होता है। जिसके अन्दर ऑक्सीजन एकत्रित होती है। आग लगते ही ऑक्सीजन के कारण वुड के अन्दर आग जल्दी पहुंची। जिसके कारण नवजात का मुंह का हिस्सा अधिक झुलसा और अब बुधवार को बच्ची की जयपुर के जेके लोन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

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Anil Chauchan Desk
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