अलवर कलेक्टर 25 हजार रुपए के जमानती वारंट से तलब

पुलिस आईजी भरतपुर रेंज को वारंट तामील का सौंपा जिम्मा

जयपुर।

एनजीटी की भोपाल बैंच ने अलवर जिला कलेक्टर को 25 हजार रूपए के जमानती वारंट से तलब किया है। रामगढ़ तहसील के आबादी क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रहे स्टोन क्रैशरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और आदेश की पालना में व्यक्तिगत तौर पर पेश नहीं होने पर पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर रेंज को 19 मार्च को पेश के लिए वारंट तामील करवाने का जिम्मा सौंपा है। न्यायाधीश आर.एस.राठौड़ की बैंच ने अलवर एसडीओ को झूठा हलफनामा पेश करने के लिए फटकार भी लगाई है।

एडवोकेट रोहित टुटेजा और अनूप अग्रवाल ने बताया कि रामगढ़ तहसील के लालबंदी गांव में अवैध तरीके से चल रहे स्टोन क्रैशरों के संचालन को एनजीटी में चुनौती दी थी। एनजीटी ने 30 जनवरी 2020 को अलवर कलेक्टर को एक पक्षकार महादेवा स्टोन क्रैशर का बोरवैल सीज करने और 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। लेकिन गुरुवार को अलवर जिला कलेक्टर एनजीटी में पेश नहीं हुए। सुनवाई के दौरान एनजीटी के सामने यह भी आया कि अलवर एसडीओ ने हलफनामा पेश कर क्रैशर को बंद होना बताया था जबकि क्रैशर संचालक ने कहा कि वह काम कर रहे हैं। इस पर एनजीटी ने एसडीओ के झूठा हलफनामा पेश करने पर फटकार लगाई है और कलेक्टर को आदेश का पालन नहीं करने पर जमानती वारंट से 19 मार्च को तलब किया है।

KAMLESH AGARWAL Desk
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