अमित शाह पहुंचे जयपुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से क्या छिपाना चाह रहा है जयपुर नगर निगम

अमित शाह पहुंचे जयपुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से क्या छिपाना चाह रहा है जयपुर नगर निगम

Mridula Sharma | Publish: Sep, 11 2018 11:18:13 AM (IST) | Updated: Sep, 11 2018 11:18:14 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

35 विधानसभ क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे शाह, गोविंद देवजी और मोती डूंगरी गणेश मंदिर के दर्शन भी करेंगे

जयपुर. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सोमवार सुबह 11 बजे जयपुर पहुंचे। शाह के स्वागत के लिए जयपुर एयरपोर्ट पर हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता व वरिष्ठ नेता पहले से ही मौजूद थे। रुक-रुक कर हो रही बारिश में भी कार्यकर्ताओं का जोश ठंडा नहीं पड़ा। शाह के दौरे के दिन ही जयपुर नगर निगम की एक ऐसी लापरवाही सामने आई जिसे शहरवासी भी स्तब्ध रह गए।

 

दरअसल राजधानी के प्रमुख स्थल मोती डूंगरी गणेश मंदिर तक जाने वाली रोड बारिश के कारण जगह-जगह से टूट गई थी, जिसकी जयपुर नगर निगम ने बीते कई दिनों से कोई सुध नहीं ली थी। मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे खासी परेशानी उठानी पड़ती थी। लेकिन जैसे ही शाह के दौरे का दिन नजदीक आया तो नगर निगम को भी होश आ गया और उसने आनन-फानन में सडक पर पैच वर्क का कार्य शुरू कर दिया।

एक ओर जहां शाह के स्वागत के लिए कार्यकर्ता एयरपोर्ट पहुंच रहे थे, वहीं दूसरी ओर मोती डूंगरी गणेश मंदिर रोड पर पैच वर्क के जरिए सडक के गढ्डे भरे जा रहे थे।

 

शाह के दौरे का यह रहेगा कार्यक्रम
शाह यहां संभाग के जयपुर शहर, देहात, अलवरर और दौसा जिले की 35 विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनमें जोश भरने का काम करेंगे। इस दौरान मंदिर पॉलिटिक्स भी होगी। राहुल गांधी गोविन्द देव जी मंदिर गए थे, शाह मोती डूंगरी गणेश मंदिर जाएंगे। करीब 14 हजार कार्यकर्ता,जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों से मिलेंगे। इसके लिए चार सम्मेलन होंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वे नरेन्द्र मोदी सरकार के कामकाज और वसुंधरा राजे के कामकाज बताकर कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे। गत माह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी जयपुर दौरे पर आए थे और चुनाव का शंखनाद किया था।

 

दौरे के 3 असर..
1. अमित शाह सभी संभागों में जाएंगे। संभागवार पहला दौरा जयपुर का हो रहा है। वे यहां कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए आ रहे हैं।
2. कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और मिलकर चुनाव लडऩे का संदेश वे दे सकते हैं।
3. कांग्रेस के खिलाफ क्या रणनीति बनानी है। यह भी उनका प्रमुख एजेंडा होगा।

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