Animal Husbandry : पशुपालन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण: गिरिराज सिंह

Animal Husbandry : केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालन मंत्री गिरिराज ङ्क्षसह ने वैज्ञानिकों से पशुपालन को एक उपयोगी व्यवसाय का रूप देने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि देश की प्रगति गांवों के विकास के बिना संभव नही है।

पशुपालन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण: गिरिराज सिंह
कहा- गांव के विकास बिना देश विकास संभव नहीं
मथुरा। केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालन मंत्री गिरिराज ङ्क्षसह ने वैज्ञानिकों से पशुपालन को एक उपयोगी व्यवसाय का रूप देने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि देश की प्रगति गांवों के विकास के बिना संभव नही है।
ङ्क्षसह ने मंगलवार को यहां दीनदयाल वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी में संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि देश का विकास गांव के विकास पर निर्भर है। गांव का विकास किसान के विकास पर निर्भर है। किसान का विकास तभी होगा, जब खेती में लागत कम आएगी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक इसके लिए सतत प्रयास करे कि पशुपालन से भी किसानों की आय बढ़े। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की जो समस्या है, उसका निराकरण पशुपालन को एक उपयोगी व्यवसाय का रूप देने से ही हो सकता है। सरकार का प्रयास है कि कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार कर किसान की आय भी बढ़ाई जाय। पशुपालन से किसान की आमदनी बढ़ेगी तो वह अपने जानवरों को खूंटे से बांधकर रखना सुनिश्चित करेगा। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि वे गाय के गोबर और गोमूत्र से किसान की आय बढ़ाने के लिए अनुसंधान करें।

hanuman galwa Desk
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